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UP: महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश- तेजी से बनाएं छात्रों की अपार आईडी; अभी 1.67 करोड़ बच्चों की नहीं बनी

Sun, 21 Sep 2025 09:11 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 21 Sep 2025 09:11 AM IST
सार

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने छात्रों की अपार आईडी बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभी 95 लाख बच्चों की आईडी नहीं बनी है। आगे पढ़ें और जानें पूरा अपडेट...

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Director General of School Education has given instructions to speed up process of making Apaar ID of students
अपार आईडी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी संबंधित अधिकारियों को सरकारी व निजी स्कूलों में छात्रों की अपार आईडी बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। छात्रों की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने की गति बहुत धीमी है। अभी तक 45 फीसदी छात्रों की अपार आईडी नहीं बन सकी है।

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महानिदेशालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 3.75 करोड़ विद्यार्थियों में से 2.08 करोड़ छात्रों की ही आईडी बनी है। अपार आईडी बनाने में सरकारी स्कूल आगे और निजी स्कूल पीछे हैं। अधिकारियों के कड़े निर्देश के बाद भी निजी विद्यालय इसमें अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। वहीं परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1.23 करोड़ छात्रों में 92 लाख (75.20 फीसदी) की ही अपार आईडी बनी है।

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ट्रैक की जा सकती है छात्रों की शैक्षिक प्रगति व उपलब्धि

वहीं सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में 6.09 लाख में 4.61 लाख (76.59 फीसदी) बनी है। निजी प्राइमरी व माध्यमिक विद्यालयों के 2.46 करोड़ में 1.11 करोड़ विद्यार्थियों की आईडी बन सकी है। अब भी लगभग 55 फीसदी छात्रों की अपार आईडी बननी है। बता दें कि अपार आईडी में छात्रों को 12 अंकों का एक यूनिक नंबर जारी किया जाता है। इसकी सहायता से छात्रों की शैक्षिक प्रगति व उपलब्धि ट्रैक की जा सकती है।

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इससे ऑउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित किया जा सकेगा। साथ ही डिजीलॉकर की सहायता से सभी अकादमिक अभिलेख को प्राप्त कर सकेंगे। महानिदेशक ने सभी अधिकारियों से कहा है कि अपार आईडी से बचे छात्रों के अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखते हुए शत-प्रतिशत आईडी बनाने की कार्यवाही पूरी करें।

इन जिलों में 50 फीसदी से कम आईडी

13 जिलों में 50 फीसदी से कम अपार आईडी बनी है। विभाग की ओर से 10 सितंबर तक के जारी आंकड़ों के अनुसार कानपुर नगर में 36.15 फीसदी, मथुरा में 42.07 फीसदी, आगरा में 42.42 फसदी, मेरठ में 45.47 फीसदी, बलिया में 45.57 फीसदी, मुरादाबाद में 45.97 फीसदी, आजमगढ़ में 46.30 फीसदी, कन्नौज में 47.61 फीसदी, अमरोहा में 47.93 फीसदी, लखनऊ में 48.86 फीसदी, गोरखपुर में 49.46 फीसदी, मऊ में 49.49 फीसदी और गोंडा में 50 फीसदी की अपार आईडी बनी है।

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