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लखनऊ मेट्रो की रफ्तार को लेकर जारी हुआ आदेश, जानें क्या होगी स्पीड
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 25 Mar 2017 01:25 PM IST
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लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में कॉमर्शियल रन को लेकर एलएमआरसी की तैयारियां जोरों पर हैं। अभी तक मेट्रो की प्रोटोटाइप ट्रेन ट्रायल में भले ही 90 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से दौड़ी हो पर कॉमर्शियल रन में यह अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा से ही दौड़ेगी।
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आरडीएसओ के टेस्टिंग निदेशालय ने अपनी ट्रायल रिपोर्ट में स्पीड सर्टिफिकेट के लिए 80 किमी प्रतिघंटा की स्पीड की संस्तुति की है। इस रिपोर्ट के आधार पर अब आरडीएसओ के यूटीएचएस निदेशालय को फाइनल स्पीड सर्टिफिकेट लखनऊ मेट्रो को देगा।
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आरडीएसओ के एक अधिकारी ने बताया कि 90 किमी प्रतिघंटा से किए गए ट्रायल जरूर सफल रहे लेकिन, हमारी जिम्मेदारी असल में यात्रियों से भरी ट्रेन की सुरक्षा के लिए है। ऐसे में ट्रायल की अधिकतम स्पीड जोकि खुद आरडीएसओ ने ही तय की थी।
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उसमें भी 10 प्रतिशत की कटौती की गई है। ऐसे में अब ट्रायल रिपोर्ट की संस्तुति में लखनऊ मेट्रो के लिए 80 किमी प्रतिघंटा की स्पीड ही सही पाई गई है। यह स्पीड एयर सस्पेंशन के मौजूद रहने के समय होगी। वहीं एयर सस्पेंशन के किसी वजह से लीक होने पर ट्रेन की अधिकतम स्पीड घटेगी। इसे 50 किमी प्रतिघंटा तक रखा जा सकता है।
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एक स्टेशन से दूसरे तक पहुंचने में लगेंगे तीन मिनट
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
स्पीड सर्टिफिकेट में भले ही आरडीएसओ 80 किमी प्रतिघंटा तक चलाने की अनुमति दे, लेकिन कॉमर्शियल रन के लिए बनी योजना में ट्रेन की स्पीड 30 किमी प्रतिघंटा ही रखी गई है। इससे एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में दो-तीन मिनट का समय लगेगा।
एमडी कुमार केशव के मुताबिक दूसरी ट्रेन शुक्रवार तड़के सुबह पहुंच जाएगी। कोशिश की जा रही है कि ट्रेन के चारों कोच कानपुर रोड पर ट्रैफिक शुरू होने से पहले ही उतार लिया जाए। ट्रेन अब केवल स्टेशनरी टेस्ट के बाद कॉमर्शियल रन के लिए तैयार होगी। इसकी वजह प्रोटोटाइप के ट्रायल के समय ही बाकी ट्रेन को आपूर्ति से पहले ही अपडेट कर लिया गया है।
एमडी कुमार केशव के मुताबिक दूसरी ट्रेन शुक्रवार तड़के सुबह पहुंच जाएगी। कोशिश की जा रही है कि ट्रेन के चारों कोच कानपुर रोड पर ट्रैफिक शुरू होने से पहले ही उतार लिया जाए। ट्रेन अब केवल स्टेशनरी टेस्ट के बाद कॉमर्शियल रन के लिए तैयार होगी। इसकी वजह प्रोटोटाइप के ट्रायल के समय ही बाकी ट्रेन को आपूर्ति से पहले ही अपडेट कर लिया गया है।