फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   dimple verma in waiting after child development and nutrition department scam

पंजीरी घोटाला सामने आने पर सीएम योगी की कार्रवाई, डिंपल वर्मा की छुट्टी

Thu, 13 Apr 2017 03:37 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Thu, 13 Apr 2017 03:37 PM IST
विज्ञापन
dimple verma in waiting after child development and nutrition department scam
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

प्रदेश के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में करोड़ों का घपला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने विभाग की प्रमुख डिंपल वर्मा को हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया है। उनकी जगह अनीता सी. मेश्राम को सचिव के तौर पर विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विज्ञापन


वहीं, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने अमर उजाला को बताया कि सरकार चुनाव के दौरान पंजीरी वितरण के लिए किए गए टेंडर रद्द करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
विज्ञापन


बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में पंजीरी वितरण के नाम पर करोड़ों की राशि ठिकाने लगाने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। पिछले वित्त वर्ष में बिना टेंडर के ही 10 चहेती फर्मों से हर महीने 58 करोड़ रुपये की पंजीरी की आपूर्ति करवाई गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यही नहीं, आचार संहिता के दौरान चुनाव आयोग को अंधेरे में रखकर उन्हीं फर्मों के नाम फिर टेंडर कर दिए गए। टेंडर में इतनी हड़बड़ी दिखाई गई कि न्याय विभाग की आपत्तियों का भी निराकरण नहीं किया गया।

जल्द ही गिरेगी कुछ और अफसरों पर गाज

dimple verma in waiting after child development and nutrition department scam
डेमो प‌िक - फोटो : अमर उजाला
सितंबर-2016 में राज्य प्रयोगशाला, लखनऊ और उससे पहले केंद्र सरकार के फूड एंड न्यूट्रीशन बोर्ड की जांच में पंजीरी के नमूने फेल होने के बावजूद दोषी फर्मों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

जबकि, सोनभद्र में घटिया पंजीरी की आपूर्ति करने पर बरेली की फर्म त्रिकाल फूड एंड एग्रो और उन्नाव की नीलगिरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति वहां के डीएम ने विभागीय अधिकारियों से की थी। वित्त वर्ष 2016-17 में चहेती फर्मों को नियमों को ताक पर रखकर पिछले 312 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।

इन सब मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने विभागीय प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा को हटा दिया। शासन के सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही निदेशालय के कुछ और अफसरों पर भी गाज गिरेगी। 

इस मामले में बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि पंजीरी वितरण में घपले के बाबत छपी खबरों को सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। वे खुद इस मामले को देख रही हैं। जांच में दोषी मिलने पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed