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Lucknow News: रेलवे अस्पतालों में कैंसर के इलाज व ट्रांसप्लांट के लिए डिजिटल रेफरल व्यवस्था लागू
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रेलवे अस्पताल।
लखनऊ। रेलवे बोर्ड ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।कैंसर व ट्रांसप्लांट आदि के लिए डिजिटल रेफरल व्यवस्था लागू की गई है।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने बताया कि नई नीति के तहत, रेलवे अस्पतालों और हेल्थ यूनिटों में उपचार, दवा वितरण एवं रेफरल संबंधी प्रक्रियाएं अब पूरी तरह पेपरलेस होंगी। मरीजों को केवल उम्मीद कार्ड और एचएमआईएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर साथ रखना होगा। डॉक्टर के एचएमआईएस प्रणाली में दवा दर्ज करने के बाद मरीज सीधे फार्मेसी से उम्मीद नंबर के माध्यम से दवा ले सकेंगे। डिजिटल रेफरल प्रणाली भी मजबूत की गई है।
इससे मरीज सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उम्मीद और ओटीपी आधारित सत्यापन से उपचार प्राप्त कर सकेंगे। आपातकालीन स्थितियों में मरीज बिना पूर्व रेफरल के भी सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार शुरू कर सकेंगे। 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस ओपीडी और जांच सुविधा मिलेगी। केवल उम्मीद कार्ड से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि कैंसर के उपचार और ट्रांसप्लांट के लिए भी डिजिटल रेफरल व्यवस्था लागू की गई है। रेलवे की ओर से टाटा मेमोरियल सेंटर सहित विभिन्न सूचीबद्ध संस्थानों में डिजिटल माध्यम से उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निजी अस्पतालों के बिल भुगतान की प्रक्रिया भी एचएमआईएस आधारित डिजिटल प्रणाली से होगी। मरीज एप के माध्यम से फीडबैक और रेटिंग भी दे सकेंगे।
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उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने बताया कि नई नीति के तहत, रेलवे अस्पतालों और हेल्थ यूनिटों में उपचार, दवा वितरण एवं रेफरल संबंधी प्रक्रियाएं अब पूरी तरह पेपरलेस होंगी। मरीजों को केवल उम्मीद कार्ड और एचएमआईएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर साथ रखना होगा। डॉक्टर के एचएमआईएस प्रणाली में दवा दर्ज करने के बाद मरीज सीधे फार्मेसी से उम्मीद नंबर के माध्यम से दवा ले सकेंगे। डिजिटल रेफरल प्रणाली भी मजबूत की गई है।
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इससे मरीज सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उम्मीद और ओटीपी आधारित सत्यापन से उपचार प्राप्त कर सकेंगे। आपातकालीन स्थितियों में मरीज बिना पूर्व रेफरल के भी सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार शुरू कर सकेंगे। 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस ओपीडी और जांच सुविधा मिलेगी। केवल उम्मीद कार्ड से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि कैंसर के उपचार और ट्रांसप्लांट के लिए भी डिजिटल रेफरल व्यवस्था लागू की गई है। रेलवे की ओर से टाटा मेमोरियल सेंटर सहित विभिन्न सूचीबद्ध संस्थानों में डिजिटल माध्यम से उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निजी अस्पतालों के बिल भुगतान की प्रक्रिया भी एचएमआईएस आधारित डिजिटल प्रणाली से होगी। मरीज एप के माध्यम से फीडबैक और रेटिंग भी दे सकेंगे।