सोच समझ कर करें सोशल मीडिया का इस्तेमाल, पुलिस यूं रख रही है नजर
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दरअसल चुनाव घोषणा के साथ ही प्रदेश में अपत्तिजनक मैसेज, वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हाल ही में एक महिला का वीडियो, जिसमें भीड़ द्वारा महिला को जलाए जाने और इसे आंध्र प्रदेश की घटना बताते हुए सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की थी।
इस वीडियो की जांच आईजी लखनऊ ए सतीश गणेश ने की। इसमें वीडियो को अमेरिका के एक प्रांत का होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने इस मैसेज का खंडन किया। यह मैसेज डीजीपी और एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक असीम अरुण तक भी पहुंचा।
बनाई गई है सोशल मीडिया लैब
इसके बाद डीजीपी ने सभी रेंज के डीआईजी को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया लैब का इस्तेमाल कर ऐसे लोगों को बेनकाब करें जो किसी वीडियो, मैसेज और फोटो को गलत तरीके से प्रचारित करते हैं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि बल्क में इस तरह का मैसेज करने वालों और लोगों को गुमराह करने वालों को चिह्नित कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजें।
सोशल मीडिया के जरिए होने वाले दुष्प्रचार को रोकने के लिए सभी डीआईजी के अंडर में सोशल मीडिया लैब की शुरुआत की गई है।
यह बात अलग है कि ज्यादातर लैब अभी एक्टिव नहीं हैं। डीजीपी ने बताया कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे जैसे चुनाव करीब आयेगा इस तरह की गतिविधियां बढ़ेंगी।
ऐसे में सभी को सक्रिय किया गया है साथ ही डीजीपी आफिस से भी इसकी निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि एसटीएफ के साइबर थाना और नोएडा के साइबर सेल को भी इस काम के लिए लगाया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो एक्सपर्ट की भी मदद ली जाएगी।