फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   criminal politicians_supreme court verdict_uttar pradesh

क्यों खुश हैं धनंजय, अंसारी और कुशवाहा?

Wed, 20 Nov 2013 05:51 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Wed, 20 Nov 2013 05:51 PM IST
विज्ञापन
criminal politicians_supreme court verdict_uttar pradesh

दागा नेताओं के जेल में रहते हुए चुनाव लड़ने की केंद्र सरकार की दलील को सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है।

विज्ञापन


ऐसे में जेल में बंद दागी व बाहुबली नेताओं बाबूसिंह कुशवाहा, मुख्तार अंसारी, रंगनाथ मिश्र, चंद्रदेव राम यादव, बादशाह सिंह, अवधपाल यादव, और धनंजय सिंह के लिए यह राहत की खबर है।
विज्ञापन


जेल से चुनाव लड़ने के अधिकार को जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन कर बहाल किए जाने की केंद्र सरकार की दलील को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वोच्च अदालत ने कहा कि संशोधन के बाद की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए अब जेल या पुलिस हिरासत में बंद व्यक्ति के चुनाव लड़ने पर कोई रोक नहीं है।

ऐसे ही तीन दागदार नेताओं की बात करते हैं, जिनके बारे में तय माना जा रहा है कि वे आगामी लोकसभा चुनाव में वोट मांगते नजर आएंगे।

धनंजय सिंह: भाजपा में करेंगे वापसी?
यूपी के जौनपुर से बसपा सांसद बाहुबली धनंजय सिंह इन दिनों अपनी नौकरानी की हत्या के सुबूत मिटाने के मामले में जेल में बंद हैं। इसके बाद उन पर रेप का भी एक मामला दर्ज किया जा चुका है। बताया जाता है कि धनंजय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के काफी करीबी हैं।

पहले भी धनंजय सिंह भाजपा के समर्थन पर 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। पूर्वांचल इलाके में धनंजय की गहरी पकड़ है और इनकी फाइल की जड़ें उससे भी ज्यादा गहरी। फिलहाल, माना जा रहा है कि धनंजय भाजपा से चुनाव लड़ सकते हैं।

बाबूसिंह कुशवाहा: माया से मुक्त, 'मुलायम' छांव में!
कुशवाहा बसपा के वरिष्ठ नेता हैं और बसपा कार्यकाल में इनकी ऊंची पहुंच थी। यह मायावती के खास माने जाते हैं इसलिए इन्हें बैकरूम ब्वॉय कहा जाता था। इन पर यूपी के दो सीनियर मेडिकल अफसरों वी पी सिंह और वीके आर्य के हत्या का आरोप है। इस आरोप के चलते ही इन्हें साल 2011 से अपने पद से हाथ धोना पड़ा।

इसके तुरंत बाद ही ये भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि मीडिया ने इस पर बहुत बवाल किया और भाजपा ने इन्हें निकाल दिया। अब इनकी नजदीकी सपा से हो गई है और इनकी पत्नी शिवकन्या कुशवाहा को सपा से टिकट भी मिल गया है।

मुख्तार अंसारी: जिन्हें रॉबिनहुड कहा जाता है

पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगर किसी नेता को वाकई डॉन की दर्जा दिया गया तो वह मुख्तार अंसारी हैं। मऊ क्षेत्र से निर्दलीय विधायक के तौर पर अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले अंसारी दुनिया में जाना-पहचाना नात तब बने, जब भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में साल 2005 में उन्हें सजा हुई।


अंसारी के ऊपर हत्या, वसूली और पैसे के हेर-फेर के अलावा कई बड़े आरोप हैं, लेकिन राजनैतिक पार्टियों को भी उनकी काफी जरूरत पड़ती है। 2009 के लोकसभा चुनाव में अंसारी को बसपा ने भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़वाया।

हालांकि, अंसारी इस चुनाव में हार गए, लेकिन साल 2012 में वह कौमी एकता दल से लगातार चौथी बार विधायक चुने गए। इस बार सांसदी का चुनाव लड़ना भी लगभग तय माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद, कि विचाराधीन आरोपी नेता चुनाव लड़ सकते हैं, इन तीनों ही बाहुबलियों का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed