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पुलिस वालों की आत्महत्या से चिंतित डीजीपी बोले, जूनियरों से शालीनता से पेश आएं अफसर

Thu, 05 Sep 2019 11:41 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 05 Sep 2019 11:41 PM IST
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DGP worried on suicidal cases of Policemen.
यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह - फोटो : amar ujala

डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने पुलिस कर्मियों द्वारा की जा रही आत्महत्या की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को अधीनस्थों के साथ शालीनता से पेश आने और उनकी समस्याओं का निराकरण कराने के निर्देश दिए है।

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डीजीपी ने जिलों के कप्तानों से कहा कि आत्महत्याओं के प्रकरणों की जांच करें कि इसके पीछे कौन सी परिस्थितियां और कारण थे। अब तक जो भी प्रकरण सामने आए हैं उसमें व्यक्तिगत और सेवा संबंधी हैं। इनमें स्थानांतरण के मामले प्रमुख हैं।
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उन्होंने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और जरूरत होने पर नीति में बदलाव पर विचार किया जा सकता है। गंभीर चिकित्सा के प्रकरणों को ट्रांसफर पॉलिसी से अलग रखकर स्थानांतरण में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिस कर्मियों की पारिवारिक पृष्ठिभूमि और पारिवारिक आवश्यकता की जांच कराकर यथा संभव स्थानांतरण किए जाएं। डीजीपी ने स्थानांतरण प्रकरण और अन्य कल्याणकारी कार्यों के संबंध में एडीजी जोन, आईजी व डीआईजी रेंज से तीन दिन में सुझाव मांगे हैं।

'जिलावार मनोवैज्ञानिकों का पैनल बनाकर पुलिस कर्मियों की काउंसिलिंग करें'

उन्होंने पुलिस कर्मी राज्य स्तर पर एडीजी मुख्यालय और आईजी भवन एवं कल्याण के पास गठित समस्या निराकरण प्रकोष्ठ का प्रचार प्रसार करने और शिकायतों का शीघ्रता से निस्तारण करने का कहा है।

आत्महत्या के प्रकरणों की जांच के लिए एडीजी स्तर के अधिकारी की निगरानी में जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के फिट इंडिया मूवमेंट के तहत गुमसुम व मानसिक तनाव में रहने वाले पुलिस कर्मियों के लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद से कार्यशालाएं आयोजित की जाएं।

जिलावार मनोवैज्ञानिकों का पैनल बनाकर ऐसे पुलिस कर्मियों की काउंसिलिंग कराएं । सेवा, संपत्ति और परिवार संबंधी शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा कर संबंधित को मोबाइल पर सूचित करने की व्यवस्था की जाए।

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