{"_id":"60c516b08ebc3ea5dd03b64f","slug":"dg-health-gave-anesthesia-to-the-patient-lucknow-news-lko5821903146","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीजी हेल्थ ने दिया मरीज को एनेस्थीसिया, करवाई सर्जरी, पहली बार किसी डीजी ने अस्पताल पहुंचकर दी सेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीजी हेल्थ ने दिया मरीज को एनेस्थीसिया, करवाई सर्जरी, पहली बार किसी डीजी ने अस्पताल पहुंचकर दी सेवा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रशासनिक पद पर कार्यरत अफसर शासनादेश पर भी मरीजों का इलाज नहीं कर रहे थे तो मुख्यमंत्री भी सख्त हुए। उनके निर्देश के बाद स्वास्थ्य महानिदेशक ने शनिवार को सिविल अस्पताल में भर्ती मरीज को सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया दिया। इसके बाद मरीज का ऑपरेशन करवाया। ऐसा पहली बार हुआ जब किसी डीजी ने अस्पताल पहुंचकर सेवाएं दी हों।
बाराबंकी लोनी कटरा के सूरज के बाएं पैर में फैक्चर हुआ था। सिविल अस्पताल में वह आर्थोपैडिक सर्जन डॉ. आरके सिंह की यूनिट में भर्ती हुआ। डॉक्टर ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। खून व कोविड की जांच कराने बाद शनिवार को ऑपरेशन की डेट मिली। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी (जो एनस्थीसिया विशेषज्ञ हैं) को मरीज को बेहोशी देने के लिए बुलाया गया। उन्होंने मरीज को एनेस्थीसिया दिया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक चला ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। डॉ. नेगी ने बताया कि महानिदेशालय व दूसरे स्थानों पर प्रशासनिक पद पर तैनात डॉक्टर मरीजों को ओपीडी से लेकर ऑपरेशन तक में सेवाएं मुहैया कराएंगे।
डीजी ऑफिस से लेकर ट्रेनिंग सेंटर तक डॉक्टरों की फौज
स्वास्थ्य महानिदेशालय, सीएमओ दफ्तर, अलीगंज स्थित पानी जांच केंद्र, इंदिरानगर स्थित ट्रेनिंग सेंटर में बड़ी संख्या में डॉक्टर तैनात हैं। ये प्रशासनिक पद की कुर्सी पर जमे हुए हैं। सालों से इन्होंने एक भी मरीज को इलाज नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी लोनी कटरा के सूरज के बाएं पैर में फैक्चर हुआ था। सिविल अस्पताल में वह आर्थोपैडिक सर्जन डॉ. आरके सिंह की यूनिट में भर्ती हुआ। डॉक्टर ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। खून व कोविड की जांच कराने बाद शनिवार को ऑपरेशन की डेट मिली। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी (जो एनस्थीसिया विशेषज्ञ हैं) को मरीज को बेहोशी देने के लिए बुलाया गया। उन्होंने मरीज को एनेस्थीसिया दिया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक चला ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। डॉ. नेगी ने बताया कि महानिदेशालय व दूसरे स्थानों पर प्रशासनिक पद पर तैनात डॉक्टर मरीजों को ओपीडी से लेकर ऑपरेशन तक में सेवाएं मुहैया कराएंगे।
विज्ञापन
डीजी ऑफिस से लेकर ट्रेनिंग सेंटर तक डॉक्टरों की फौज
स्वास्थ्य महानिदेशालय, सीएमओ दफ्तर, अलीगंज स्थित पानी जांच केंद्र, इंदिरानगर स्थित ट्रेनिंग सेंटर में बड़ी संख्या में डॉक्टर तैनात हैं। ये प्रशासनिक पद की कुर्सी पर जमे हुए हैं। सालों से इन्होंने एक भी मरीज को इलाज नहीं दिया।
विज्ञापन