'भगवा दहशतगर्दी को छुपाने वाला है साक्षी का बयान'
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उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज के मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा दिए जाने वाले बयान पर दारुल उलूम समेत देवबंदी उलेमा ने कड़ा ऐतराज जताया है।
उलेमा ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह भगवा दहशतगर्दी को छुपाने की साजिश है।
साक्षी महाराज फिरकापरस्ती फैलाकर संविधान को तोड़ने का काम कर रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई हो।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि मदरसे और उलेमा आजादी से लेकर आज तक मुल्क की खिदमत कर रहे हैं। इनमें आतंकवाद नहीं बल्कि देश प्रेम की शिक्षा दी जाती है। मदरसों से शिक्षा हासिल करने वाले छात्र अमन पसंद हैं।
मदरसों का 150 साल का इतिहास है गवाह
मौलाना ने कहा कि मदरसों के 150 साल के इतिहास में एक भी ग्रेजुएट छात्र कभी देशद्रोही गतिविधियों में शामिल नहीं पाया गया। बनारसी ने कहा कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी पूर्व में कह चुके हैं कि हिंदुस्तान के मदरसों में कोई दहशतगर्द कार्रवाई नहीं पाई गई।
यह बयान संसद में दिया गया था। जो लोग मदरसों पर निशाना साध रहे हैं वे खुद फिरकापरस्ती फैलाने का काम कर रहे हैं ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती आरिफ कासमी और मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के राष्ट्रीय महासचिव अथर उस्मानी ने कहा कि मदरसे, उलेमा और मुसलमानों ने हमेशा हिंदुस्तान से सच्ची मोहब्बत का सबूत दिया है।
लगता है सांसद साक्षी मानसिक संतुलन खो बैठे हैं जो वे इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुल्क की आजादी में जितनी कुर्बानियां हिंदू भाइयों ने दी है उतनी ही कुर्बानियों मुसलमानों ने भी दी है।