रात नौ बजे मुलायम की कोठी में क्यों पहुंचे आजम?
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आयोग का प्रतिबंध झेल रहे सपा के फायर ब्रांड नेता आजम खान मंगलवार को गुपचुप तरीके से इटावा पहुंचे और यहां के मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की।
आजम खां का दौरा इतना गोपनीय था कि कई समाजवादियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी, जिनको थी भी वे सूचना सार्वजनिक करने से बचते रहे।
आखिरकार रात करीब नौ बजे आजम खां सिविल लाइन स्थित मुलायम सिंह की कोठी पहुंचे और स्थानीय नेताओं से चुनावी मंत्रणा की।
कई जगह ठहरने की थी सूचना
दरअसल आजम खां के आने की सूचना मंगलवार दोपहर को ही मीडिया को लग गई थी।
एक साथ कई जगह उनके ठहरे होने की सूचना मिली लेकिन हर जगह उनके नहीं होने की बात कही जाती रही।
दोपहर में कुछ व्यापारी नेता भी मुलायम सिंह की कोठी पहुंचे और आजम का इंतजार करने की बात कहते रहे।
इसी तरह पचराहा और तिकुनिया में भी आजम खां के आने की चर्चा रही।
रात को मुलायम के बंगले पर हुई मीटिंग
इसी चर्चा के बीच रात करीब नौ बजे आजम अचानक सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की कोठी पर पहुंचे और सपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही मुसलिम नेताओं से मुलाकात की।
इस सारी कवायद से मीडिया को दूर रखा गया। इतना ही नहीं, आजम की बैठक में हर नेता को पहुंचने की अनुमति नहीं थी।
सपा के सूत्रों ने बताया कि आजम खां ने इटावा लोकसभा सीट पर सपा की स्थिति के बारे में जानकारी की और जरूरी टिप्स दिए।
इस दौरान उन्होंने मतदाताओं के रुझान को लेकर भी चर्चा की।
तो इसलिए कर रहे गुपचुप मीटिंग
पिछले दिनों रामपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए आजम खां ने कहा था, 'कानून की बात क्या करूं, हां इतना जरूर कहूंगा कि अब चुनाव आयोग को भी सोचना होगा कि क्या उसे चुनाव आयोग कहलाने का अधिकार रखना चाहिए?'
सपा पहले ही स्टार प्रचारकों की कमी से जूझ रही है। शायद यही वजह है कि बैन के चलते आजम गुपचुप मीटिंग कर रहे हैं और चुनिंदा नेताओं को भाषण के टिप्स दे रहे हैं।
दूसरी तरफ, अखिलेश और डिंपल पूरी जोर आजमाइश करने में लगे हैं, लेकिन मुलायम और आजम के बिना सपा की ताकत अधूरी सी मानी जाती रही है।