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तो इसलिए की गई डिप्टी जेलर की हत्या
टीम डिजिटल/वाराणसी
Updated Sun, 24 Nov 2013 09:13 AM IST
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जिला पुलिस की छानबीन से पता चला है कि बदमाशों का एक गैंग एक पखवारे से कचहरी और जेल के इर्द-गिर्द चक्कर काट रहा था। इसकी भनक पुलिस अधिकारियों को नहीं थी।
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डिप्टी जेलर जिम में समय बदल-बदलकर आते थे। इसलिए बदमाश अपने मकसद में सफल नहीं हो पा रहे थे, लेकिन शनिवार की सुबह सटीक मुखबिरी के चलते वह अपने मकसद में कामयाब हो गए।
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डिप्टी जेलर दो दिन पहले जेल अधीक्षक आशीष त्रिपाठी की शादी में शरीक होने के लिए गोरखपुर और बलिया गए थे। लौटने के बाद वह अचानक शनिवार की सुबह जिम के लिए निकल पड़े।
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डीआईजी ए सतीश गणेश ने इस मामले में जिम के संचालक विकास से पूछताछ की। उसने बताया कि डिप्टी जेलर दो माह से समय बदल-बदलकर जिम आते थे। कभी बाइक से तो कभी कार से।
पुलिस का मानना है कि मौके पर चार बदमाश दिखे थे। उनमें से दो हेलमेट लगाए हुए थे। इस मामले में मुखबिरी करने वाली टीम अलग हो सकती है।
आया था कचहरी
बदमाशों की तलाश करने के लिए पुलिस जिला कारागार के अलावा गाजीपुर जिला जेल के बंदियों से भी पूछताछ कर रही है। पता चला है कि बीते 27 सितंबर को चौकाघाट रोड पर पुलिस कस्टडी से फरार सुनील यादव एक पखवारा पहले कचहरी आया था।
उसने अपने करीबियों से मुलाकात की थी। वह डिप्टी जेलर से काफी नाराज था। उसे शक था कि डिप्टी जेलर के इशारे पर जेल में बंद उसके साथी अरमान को प्रताड़ित किया जा रहा है।
पुलिस की टीम जेल में बंद मुन्ना बजरंगी गिरोह से जुड़े एक दर्जन बदमाशों से भी पूछताछ की है। डीआईजी का कहना है कि घटना के समय जिम में कसरत करने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी।