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Lucknow News: गुठली जमा करें और ब्याज में पाएं हरियाली

Wed, 06 Aug 2025 01:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Aug 2025 01:47 AM IST
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Deposit seeds and get greenery in return of interest
गुठली क्लब की सदस्यों के साथ अध्यक्ष रश्मि चतुर्वेदी। स्रोत: स्वयं
लखनऊ। जब हम बैंक में पैसा जमा करते हैं... तो कुछ सालों बाद उस पर ब्याज मिलता है। सोचिए, अगर आप गुठली जमा करें... तो उसका ब्याज आने वाली पीढ़ियों को हरियाली के रूप में मिले। क्योंकि असली निवेश वही है... जो धरती को बचाए और आने वाले कल को संवार दे। जी हां, लखनऊ में करीब छह साल पहले शुरू हुआ एक अनोखा बैंक... गुठली बैंक। यहां न कोई खाता नंबर है, न पासबुक। बस आपके खाए हुए फलों की गुठलियां...। आम, जामुन, लीची या पपीता... जो भी फल खाया, उसकी गुठली दीजिए और बदले में पाइए... शुद्ध हवा, छांव और जिंदगी का स्थायी ब्याज। यह कहानी है दो महिलाओं डॉ. रश्मि चतुर्वेदी और अनुराधा गुप्ता की सोच की, जो गुठलियों से उगा रही हैं हरियाली...।
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वर्ष 2019 में गुठली बैंक की शुरुआत करने वाली डॉ. रश्मि चतुर्वेदी और अनुराधा गुप्ता ने बताया कि पृथ्वी इनोवेशन संस्था के माध्यम से इस मुहिम को शुरू किया गया था। इसके लिए हमने स्कूलों में कार्यशालाओं की शुरुआत की, वहां बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। बच्चों व बड़ों को बताया गया कि गुठलियां फेंकने से अच्छा है कि उन्हें खाली जमीन में बो दिया जाए। अगर आपके पास जगह नहीं है तो गुठलियां हमें दीजिए, हम उन्हें उचित स्थान पर बोएंगे।
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पृथ्वी इनोवेशन की अध्यक्ष डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने बताया कि इस मुहिम के दो फायदे हैं, एक तो गुठलियों के रूप में कचरा सड़क पर नहीं जाता और दूसरा उन गुठलियों का उपयोग हरियाली बढ़ाने में किया जाता है। जगह न मिलने पर प्लास्टिक के कंटेनर या गमलों में भी गुठलियों को रोपा जाता है और जब वे पौधे का रूप ले लेते हैं तो गुठली देने वालों को इन्हें उपहार स्वरूप भेंट किया जाता है।
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जनरल सेक्रेटरी अनुराधा गुप्ता ने बताया कि हर साल करीब 1500 गुठलियां हमें मिल रही हैं जिनका उपयोग हम शहर के पार्कों, स्कूलों या फिर अन्य जगहों पर कर रहे हैं। आम, जामुन, लीची और पपीता समेेत अन्य फलों की गुठलियों का उपयोग फिर से पौधा बनाने में तो करते ही हैं, साथ में इन्हें सुखाकर पाउडर बनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। जामुन और आम की गुठली का चूर्ण कई बीमारियों को ठीक करने में सहायक सिद्ध होता है।

उन्होंने बताया कि गुठली के उपयोग को लेकर अब तक 150 से ज्यादा कार्यशालाएं हम लोग स्कूलों व अन्य संस्थानों में कर चुके हैं। इंटीग्रल विवि, सुभाष डिग्री कॉलेज, ख्वाजा मुईनुद्दीन विवि, क्रिश्चियन कॉलेज, बटलर पैलेस और बाराबंकी जेल समेत शहर की कई कॉलोनियों, पार्कों व स्कूलों में हम गुठली को वहां खाली पड़ी जमीन में रोप चुके हैं। यहां हजारों गुठलियां अब पौधों व पेड़ों का रूप ले चुकी हैं।


महापौर व मंत्री से मिलकर भी रखी अपनी बात
अनुराधा गुप्ता ने बताया कि गुठली बैंक को लेकर उन्होंने महापौर सुषमा खर्कवाल से भी मुलाकात की और उनसे नगर निगम की खाली पड़ी जमीनों व पार्कों में गुठली रोपने का प्रस्ताव रखा था। इसके अलावा प्रदेश के वन राज्यमंत्री अरुण सक्सेना से भी मिलकर उन्हें अपनी मुहिम के बारे में बताया जिसकी उन्होंने सराहना की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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