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ऑनलाइन नियुक्ति पत्र से स्कूलों में नहीं मिल रही तैनाती
Fri, 29 Jan 2021 09:55 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 29 Jan 2021 09:55 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
माध्यमिक शिक्षा विभाग में लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक अध्यापकों को ऑनलाइन नियुक्ति और पदस्थापन आदेश जारी करने के तीन महीने बाद भी स्कूलों में तैनाती नहीं मिल रही है। करीब दो दर्जन शिक्षक तीन महीने से तैनाती के लिए जिलों से लेकर निदेशालय और शासन के चक्कर काट रहे हैं।
विभाग की ओर से विभिन्न विषयों में चयनित करीब साढ़े तीन हजार सहायक अध्यापकों को 23 अक्तूबर को ऑनलाइन नियुक्ति और पदस्थापन दिया गया था। जिलों से रिक्त पदों की सूचना मंगाने के बाद उसे ऑनलाइन नियुक्ति के सॉफ्टवेयर में अपलोड किया गया, फिर निर्धारित वरीयता के क्रम में ऑनलाइन नियुक्ति और पदस्थापन आदेश जारी किया गया। श्रावस्ती की सुनीता को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भिनगा श्रावस्ती में तैनाती दी गई, यहीं पर मनीषा को भी तैनात किया गया। इसी तरह राजकीय हाईस्कूल चक्की फतेहपुर में राजेश कुमार मौर्य को संस्कृत के अध्यापक के रूप में तैनाती दी गई, लेकिन यहां संस्कृत शिक्षक का पद ही रिक्त नहीं है।
मंजू वर्मा को राजकीय माध्यमिक विद्यालय सरायखानी भेजा गया, जबकि यहां पहले ही रिन्का यादव की तैनाती की जा चुकी थी। वींद्रेश कुमार पाल को राजकीय हाई स्कूल भकुरा जौनपुर दिया गया, पर वहां पद रिक्त नहीं है। करीब दो साल के इंतजार के बाद सहायक अध्यापक पद पर तैनाती मिलने से खुश यह शिक्षक जब कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो उन्हें लौटा दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने शासन को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि पद रिक्त नहीं होने से तैनाती नहीं दी जा सकती है।
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वर्जन...
जिन नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती नहीं मिल पाई है। उनके लिए शासन में कार्यवाही चल रही है। उन्हें जल्द नियुक्ति दी जाएगी।
- डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री
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विभाग की ओर से विभिन्न विषयों में चयनित करीब साढ़े तीन हजार सहायक अध्यापकों को 23 अक्तूबर को ऑनलाइन नियुक्ति और पदस्थापन दिया गया था। जिलों से रिक्त पदों की सूचना मंगाने के बाद उसे ऑनलाइन नियुक्ति के सॉफ्टवेयर में अपलोड किया गया, फिर निर्धारित वरीयता के क्रम में ऑनलाइन नियुक्ति और पदस्थापन आदेश जारी किया गया। श्रावस्ती की सुनीता को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भिनगा श्रावस्ती में तैनाती दी गई, यहीं पर मनीषा को भी तैनात किया गया। इसी तरह राजकीय हाईस्कूल चक्की फतेहपुर में राजेश कुमार मौर्य को संस्कृत के अध्यापक के रूप में तैनाती दी गई, लेकिन यहां संस्कृत शिक्षक का पद ही रिक्त नहीं है।
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मंजू वर्मा को राजकीय माध्यमिक विद्यालय सरायखानी भेजा गया, जबकि यहां पहले ही रिन्का यादव की तैनाती की जा चुकी थी। वींद्रेश कुमार पाल को राजकीय हाई स्कूल भकुरा जौनपुर दिया गया, पर वहां पद रिक्त नहीं है। करीब दो साल के इंतजार के बाद सहायक अध्यापक पद पर तैनाती मिलने से खुश यह शिक्षक जब कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो उन्हें लौटा दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने शासन को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि पद रिक्त नहीं होने से तैनाती नहीं दी जा सकती है।
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जिन नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती नहीं मिल पाई है। उनके लिए शासन में कार्यवाही चल रही है। उन्हें जल्द नियुक्ति दी जाएगी।
- डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री