{"_id":"65a3ccfc64e3a7850e066459","slug":"defence-minister-rajnath-singh-and-cm-yogi-adityanath-in-army-day-in-lucknow-2024-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : सेना दिवस पर सर्द मौसम में सिम्फनी बैंड ने घोली देशभक्ति की गर्माहट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : सेना दिवस पर सर्द मौसम में सिम्फनी बैंड ने घोली देशभक्ति की गर्माहट
Sun, 14 Jan 2024 11:37 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 14 Jan 2024 11:37 PM IST
सार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश जिस तरह से भव्यता को प्राप्त कर रहे हैं, वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करिश्माई कामों के कारण है।
विज्ञापन
सेना दिवस पर सीएम योगी व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व अन्य।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कोहरे से लदी ठिठुरन भरी शाम और उस पर खुला आसमान। हजारों दर्शकों का जमावड़ा और सामने मंच पर सेना के सिम्फनी बैंड पर गूंजतीं देशभक्ति की धुनों पर हाथों का मधुर ताल के साथ स्पर्श पूरे माहौल को गर्माहट से भर रहा था। मौका था सेना दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार शाम अंबेडकर पार्क में आयोजित समारोह का। डेढ़ घंटे तक चले आयोजन के दौरान लोगों का जोश हाई रहा।
विज्ञापन
पहली बार सेना दिवस लखनऊ में सोमवार को मनाया जाएगा। उसके उपलक्ष्य में रविवार शाम मध्य कमान की ओर से गोमतीनगर स्थित अंबेडकर पार्क में सेना के सिम्फनी बैंड का कॉन्सर्ट हुआ। इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। साथ ही थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडेय, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान व मध्य कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि मौजूद रहे। शाम साढ़े पांच बजे सिम्फनी बैंड ने प्रस्तुतियों का कारवां शुरू किया। इसकी कमान लेफ्टिनेंट कर्नल गिरीश कुमार के हाथों में थी। उनकी कुशलता में वाद्ययंत्रों पर 120 सैन्यकर्मियों ने बैंड की प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
कॉन्सर्ट में ताकत वतन की हमसे है... गीत सुनाकर बैंड के सैन्यकर्मियों ने दर्शकों को रोमांचित किया। इसके बाद गीतों का सिलसिला कुछ यूं चला कि ठंड में ठिठुर रहे लोगों में जोश भर गया और माहौल में गर्माहट भर गई। सैन्यकर्मियों ने सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी... व मां तुझे सलाम... की धुन बजाकर देशप्रेम का ऐसा माहौल बनाया, जिसमें दर्शक डूबते-उतराते नजर आए। ये देश है वीर जवानों का..., सुन मेरे देश सुन..., देह शिवाजी..., कंधे से मिलते हैं कंधे, कदमों से कदम मिलते हैं..., नाटू-नाटू्र..., चक दे इंडिया..., जय हो..., ऐ मेरे वतन के लोगों... सुनाकर न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि सेना के शौर्य से भी रूबरू कराया। दर्शकों ने भी बैंड पर पेशकश दे रहे कलाकारों की हौसलाअफजाई भरपूर तालियों से की। देशप्रेम व फिल्मी गीतों पर मेलोडी भी पेश की गई।
विज्ञापन
रक्षामंत्री ने सराहा, दीं शुभकामनाएं
सिम्फनी बैंड की प्रस्तुतियों के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ मौजूद रहे। उन्होंने बैंड की प्रस्तुतियों को न केवल अंत तक सुना। बल्कि अपने वक्तव्य में टीम व सैन्यकर्मियों की भरपूर सराहना भी की। उन्होंने सभी को सेना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
हीटर से चिपके रहे दर्शक
रविवार शाम ठंड से दर्शक ठिठुर रहे थे। पर, सिम्फनी बैंड की जोश भर देने वाली प्रस्तुतियों को छोड़कर घर नहीं जाना चाह रहे थे। ऐसे में आयोजकों की ओर से उनकी सुविधा के लिए हीटर लगाए गए थे, जिसके इर्दगिर्द डटकर दर्शकों ने अंत तक प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाया।
लगी गाड़ियों की कतार, ट्रैफिक ने संभाला मोर्चा
अंबेडकर पार्क के अंदर जहां पांच से सात हजार दर्शकों का हुजूम मौजूद रहा। वहीं बाहर गाड़ियों के काफिले थे, जिसकी वजह से गांधी सेतु तक जाम की स्थितियां पैदा होती रहीं। पर, सेना पुलिस व ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थितियों को नियंत्रण में रखा।
राजनाथ सिंह ने कहा, योगी-धामी के काम करिश्माई, भव्यता को प्राप्त कर रहे दोनों प्रदेश
उत्तरायणी कौथिग की शुरुआत रविवार को लखनऊ में हुई। राजधानी में बीरबल साहनी मार्ग स्थित परिसर में मेले का उद्घाटन करने के बाद, मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश जिस तरह से भव्यता को प्राप्त कर रहे हैं, वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करिश्माई कामों के कारण है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस वक्त विकास की जरूरत को समझते हुए उत्तर प्रदेश के पर्वतीय इलाके को अलग कर उत्तराखंड बना, उस वक्त मैं ही मुख्यमंत्री था। जब राज्य का कुछ हिस्सा अलग होकर नया राज्य बनता है तो कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं, जो विवाद का कारण बनते हैं। उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के साथ भी ऐसा था, कुछ अनसुलझे मुद्दे थे, लेकिन दोनों ही प्रदेशों के मु्ख्यमंत्रियों ने उसे आपस में मिलकर हल कर लिया। यह भी एक गर्व की बात है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों के बीच कड़वाहट, कलह कभी नहीं रही। इसके लिए मैं दोनों मुख्यमंत्रियों को बधाई देता हूं। जबकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्य आज भी लड़ रहे हैं। दोनों प्रदेशों के बीच विकास का संतुलन नहीं था, पर अब हो गया है। इसका फायदा लखनऊ व उत्तर प्रदेश में रह रहे उत्तराखंड के समाज को हो रहा है। ये समाज उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के बीच मानवीय सेतु का काम कर रहा है। समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेशचंद्र जोशी, संयोजक टीएस मनराल समेत अन्य मौजूद रहे।
देश के समृद्ध राज्यों की कतार में शामिल हुआ उत्तराखंड
उत्तराखंड समृद्ध विरासत और सशक्त विकास के बल पर भारत के तेजी से विकसित होते राज्यों की कतार में शामिल हो चुका है। राज्य की कनेक्टिविटी देखिए, केदारनाथ, बद्रीनाथ को देखिए, पहले हाल क्या था और अब क्या है। बुनियादी सुविधाओं के कारण वहां पहुंचना आसान हो गया है। इसके अलावा समान नागरिक संहिता लागू करना वाले पहला राज्य वही बनने जा रहा है। चार धाम महामार्ग की चर्चा सभी ने सुनी है। दिल्ली से देहरादून की दूरी महज 2.5 घंटे में पूरी होगी। उत्तराखंड के बॉर्डर पर सड़कें तैयार हैं, जिसे कुछ दिन में ही राज्य की जनता को सौंप दिया जाएगा। रेल व वायु सेवा संपर्क बढ़ाया जा रहा है।