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यूपी कैबिनेट में 21 प्रस्तावों को मंजूरी, स्कूलों में होंगी 26 हजार से ज्यादा भर्तियां

Wed, 25 Oct 2017 01:01 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 25 Oct 2017 01:01 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को 21 अहम  प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों व राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेजों में शिक्षकों व पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त 27,141 रिक्त पदों को संविदा के आधार पर भरने का फैसला भी शामिल है।

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राज्य सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 20200 व प्रवक्ता के 6300 पद खाली हैं। इतनी बड़ी संख्या में पदों के रिक्त होने से शिक्षण व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने इन पदों को नियमित चयन प्रक्रिया पूरी होने या अगले शैक्षिक सत्र अवकाश प्राप्त शिक्षकों से भरने की मंजूरी दे दी है। 70 वर्ष के अंदर की उम्र वाले शिक्षकों की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी। प्रवक्ता को 20 हजार रुपये प्रतिमाह व सहायक अध्यापक को 15 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
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इसी तरह प्रदेश के सात पुराने और दो नए राजकीय होम्योपैथिक कालेजों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। 369 शिक्षकों के सृजित पदों में से 261 और पैरामेडिकल स्टाफ के सृजित 409 पदों में से 380 पद खाली हैं। लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से इनके चयन में अभी समय लगने की संभावना है। इसलिए कैबिनेट ने संविदा के आधार पर इन पदों को भरने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। सिंह ने बताया कि 65 वर्ष की उम्र तक कर्मी इन पदों पर रखे जा सकेंगे।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे : जमीन खरीदने के लिए हुडको से लेंगे 1179 करोड़ का ऋण

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प्रदेश कैबिनेट ने लखनऊ से गाजीपुर तक बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस के लिए जमीन खरीदने के लिए हुडको से ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है। इसके लिए 1179 करोड़ रुपये हुडको से 10.30 प्रतिशत वार्षिक ब्याजदर पर ऋण लिया जाएगा। औद्योगिक विकास विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यूपीडा इस एक्सप्रेस के काम को आगे बढ़ा रहा है।

चंदौली केसाहूपुरी में 400 केवी का उपकेंद्र बनाने को हरी झंडी
लखनऊ। प्रदेश कैबिनेट ने चंदौली में 400 केवी उपकेंद्र की स्थापना को मंजूरी दी है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि साहूपुरी में बनने वाले इस उपकेंद्र से चंदौली के साथ गाजीपुर व वाराणसी तक तय शेड्यूल के हिसाब से सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। शर्मा ने बताया कि इस उपकेंद्र के निर्माण पर 414.41 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

प्रयागराज में अब छह साल पर कुंभ, 12 पर महाकुंभ

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इलाहाबाद में संगम तट पर छह साल पर आयोजित होने वाले पर्व को अब अर्धकुंभ के स्थान पर कुंभ और 12 साल पर होने वाले कुंभ को अब महाकुंभ कहा जाएगा।  इसके अलावा प्रयाग कुंभ मेले की उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है। प्रदेश कैबिनेट ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट के इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  कैबिनेट ने इस फैसले केलिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। सिंह ने बताया कि कुंभ व महाकुंभ का आयोजन किस तरह से हो, कुंभ की व्यवस्था को इस तरह तैयार किया जाए कि वह महाकुंभ के भी काम आए, प्राधिकरण यह सब जिम्मेदारी निभाएगा। मंडलायुक्त इलाहाबाद की अध्यक्षता में गठित इस प्राधिकरण में आईजी जोन इलाहाबाद व डीएम इलाहाबाद उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा कुंभ की तैयारी के लिए मेला अधिकारी की नियुक्ति भी जल्दी ही कर दी जाएगी।

सिंह ने बताया कि कुंभ मेले का प्रचार-प्रसार पूरे विश्व में किया जाएगा। इसमें 12 से 13 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इस मेले के जरिए यूपी को शो-केश किया जाएगा। इस मेले के सफल आयोजन से देश की भी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। इसकी तैयारियों को लेकर लगातार निर्णय किए जा रहे हैं।

गेहूं-जौ के प्रमाणिक बीजों पर 200 रुपये अनुदान बढ़ा

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सरकार ने किसानों की आय को दुगुना करने के संकल्प पर आगे बढ़ते हुए मंगलवार की कैबिनेट में किसानों को राहत पहुंचाने से जुड़े कई फैसले किए। इसमें गेहूं व जौ के प्रमाणिक बीजो के प्रयोग पर अनुदान बढ़ाने, किसानों को अपने खेत से निजी उपयोग के लिए पांच ट्राली की जगह 10 ट्राली मिट्टी के उपयोग की मंजूरी देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

कैबिनेट बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि विशेषज्ञों की राय है कि गेहूं और जौ प्रमाणिक बीजो के प्रयोग से उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि होती है। कैबिनेट ने प्रमाणिक बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुदान में वृद्धि की है। पहले प्रमाणिक बीजों के प्रयोग पर प्रति कुंतल 400 रुपये कर अनुदान मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। अनुदान की रकम सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बाढ़ या जलभराव से किसानों के खेत में बालू, मोरंग आदि आ जाती है। जिससे खेती करने में दिक्कत आती है। सरकार ने खनिज परिहार नियमावली में संशोधन कर किसानों को मोरंग-बालू निकालने की अनुमति देने का फैसला किया है। इसके लिए उन्हें 2000 रुपये के शुल्क के साथ डीएम के यहां आवेदन करना होगा। किसानों को रायल्टी का भुगतान एडवांस में करना होगा। उन्हें तीन माह में इसे निकालने की अनुमति दी जाएगी। इससे खनन सामग्री की बाजार में उपलब्धता बढ़ेगी, दाम गिरेंगे और किसानों को भी खनन सामग्री की बिक्री से फायदा होगा।

इसके अलावा किसान अब अपना घर बनाने के लिए 10 ट्राली मिट्टी अपने खेतों से निकाल सकेंगे। किसानों को इस सुविधा के लिए डीएम के यहां आवेदन करना होगा। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक बलकार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि एक्सप्रेस-वे, सड़कों या अन्य विकास कार्यों से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए मिट्टी की उपलब्धता से जुड़ी कार्रवाई प्राथमिकता पर कराएं।

सिनेमाघरों के लाइसेंस अब 30 दिन में

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प्रदेश सरकार ने सिनेमाघरों की स्थापना को प्रोत्साहन के लिए चलचित्र अधिनियम-1955 में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत लाइसेंस प्रक्रिया सरल बनाया गया है। अब सिंगल विंडो वाले लाइसेंसिंग प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसकी मंजूरी 30 दिन में अनिवार्य रूप से देनी होगी। तय समय में मंजूरी न देने पर संबंधित प्राधिकारी पर पेनल्टी लगाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि लाइसेंस भी तीन वर्ष की जगह पांच वर्ष का दिया जाएगा। इसके अलावा स्कूल, अस्पताल जैसे स्थानों के निकट अनुमति न देने के प्रावधान को भी हटा दिया गया है।

मंडी परिषद से यूनीफाइड लाइसेंस शुल्क 90 हजार घटाया
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कृषि उत्पादन मंडी समिति नियमावली के अंतर्गत यूनीफाइड लाइसेंस के लिए छोटे कारोबारियों को 1 लाख रुपये शुल्क देना पड़ता था। कैबिनेट ने कृषि उत्पादन मंडी नियमावली में संशोधन कर यूनीफाइड लाइसेंस शुल्क में 90 हजार रुपये की कमी कर दी है। इससे छोटे कारोबारी ई-मंडी से जुड़ेंगे।

‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ के टैक्स की प्रतिपूर्ति को मंजूरी

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स्वच्छता को प्रोत्साहित करती फिल्म ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ को पिछले दिनों सरकार ने टैक्स फ्री करने का एलान किया था। इसमें टैक्स की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। मंगलवार को कैबिनेट ने टैक्स प्रतिपूर्ति से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि फिल्म अच्छी चली है। इसका ब्योरा आ रहा है। एसजीएसटी के रूप में अदा किए गए शुल्क की प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की जाएगी।

पुष्टाहार आपूर्ति कर रही संस्था को तीन महीने और मौका
लखनऊ। बाल विकास पुष्टाहार विभाग में पुष्टाहार की आपूर्ति कर रही संस्था को ही अगले तीन महीने का और मौका मिल गया है। कैबिनेट ने कहा है कि अनुपूरक पोषाहार की आपूर्ति वर्ष 2013 के ही दरों पर की जाएगी। ई-टेंडर से कार्यवाही चयन होने या तीन महीने तक मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी। इससे पहले भी सरकार कई बार इसकी समयसीमा बढ़ा चुकी है।

गोरखपुर का पुराना निरीक्षण भवन गिराया जाएगा
लखनऊ। प्रदेश कैबिनेट ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत बने पुराने निरीक्षण भवन को गिराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह 3.54 एकड़ क्षेत्रफल में बना है।

50.47 करोड़ से बनेगा सूचना विभाग का नया भवन

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प्रदेश सरकार ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का नया भवन बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि 50.47 करोड़ रुपये की लागत से यह भवन बनेगा। इसमें पत्रकारों के लिए विशेष पुस्तकालय भी रहेगा। प्रमुख सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि यह इमारत एक मॉडल बिल्डिंग के रूप में बनेगी।

सहकारी चीनी मिलों के लिए बैंक गारंटी शुल्क माफ
यूपी सहकारी चीनी मिल संघ के लिए यूपी सहकारी बैंकों की साख सीमा बढ़ाने व गारंटी शुल्क माफ करने से जुड़े प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। 2016-17 में बैंक की नकद शाख सीमा 2001.14 करोड़ रुपये थी। इसे 2017-18 के लिए बढ़ाकर 2307.48 करोड़ कर दिया गया है। इसके साथ ही 5.77 करोड़ रुपये शासकीय गारंटी शुल्क भी माफ कर दिया गया है।

‘मुख्यमंत्री आपके द्वार’ हेल्पलाइन पर घर बैठे कर सकेंगे शिकायत

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प्रदेश कैबिनेट ने आम लोगों को घर बैठे अपनी समस्याओं की शिकायत केलिए ‘मुख्यमंत्री आपके द्वार’ टोलफ्री नंबर के रूप में एक नया प्लेटफार्म देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है। इन शिकायतों पर की गई कार्रवाई पर सरकार शिकायतकर्ता से फोन पर फीडबैक लेगी और सही समाधन न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन समस्याओं की गुणवत्तापूर्ण सुनवाई के लिए पहले दिन से ही प्रयासरत हैं। वह स्वयं तो जनसमस्याएं नियमित रूप से सुनते ही हैं, जनता को पास में समस्याओं के समाधान के लिए तहसील संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस की व्यवथा लागू की है। जनसुनवाई पोर्टल पर भी समस्याएं प्राप्त कर समाधान कराया जा रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में स्थापित होने वाले मेगा काल सेंटर के जरिए टोल फ्री नंबर पर शिकायत की सुविधा भी दी जाएगी।

शर्मा ने बताया 500 सीट क्षमता वाला यह इनबाउंट व आउटबाउंड कालसेंटर लखनऊ में स्थापित होगा। इसके लिए टोलफ्री नंबर भी जल्दी ही तय कर दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था दूसरे विभागों केटोल फ्री नंबर और शिकायत प्लेटफार्म के अलावा होगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस नए टोलफ्री नंबर पर आने वाली शिकायतों पर की गई कार्रवाई का अधिकारी शिकायतकर्ता को फोनकर फीडबैक लेंगे। गलत रिपोर्ट या सही कार्यवाही न होने पर सख्त कार्रवाई होगी।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2017 को मंजूरी

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कैबिनेट ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2017 को भी मंजूरी दे दी है। यह नीति अधिसूचना लागू होने की तिथि से पांच वर्ष के लिए होगी। नीति के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही अवस्थापना सुविधाओं को विकास करने, फूड प्रोसेसिंग जोन को चिह्नित करने, फूड प्रोसेसिंग पार्क, मेगा फूड पार्क और कोल्ड चेन का विकास करने, पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार का सृजन करने में यह सहायक होगी।

नई नीति के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में फल, फूल, सब्जी, मसाले, शहद, औषधीय एवं सगंध फसलें, मशरूम को शामिल किया गया है। इसके अलावा कृषि उत्पाद जैसे खाद्यान्न, दलहन और तिलहन, मिल्क पाउडर, शिशु दुग्ध आहार, माल्टेड मिल्क फूड, घी, अन्य डेयरी उत्पाद शामिल हैं।

वहीं पोल्ट्री, अंडा, मांस, मांस उत्पाद के आइटम, मछली, डबल रोटी, भोजन (खाद्य), नाश्ता आहार, मिष्ठान, कोको आइटम, चॉकलेट उत्पादन समेत, माल्टेड एक्स्ट्रैक्ट, प्रोटीन आईसोलेट, अधिक प्रोटीन वाले खाद्य, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए विशेष पैकेजिंग, रिफर व्हीकल्स, मोबाइल प्री कूलिंग वैन, पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर एवं एग्रो प्रोसेसिंग कलस्टर आधारित इंफ्रास्टक्चर का सृजन को भी इसमें जगह दी गई है।

नई नीति में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण पर प्लांट मशीनरी, एवं तकनीकी सिविल के कार्य की लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम 50 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत प्रदेश में स्थापित होने वाली इकाइयों तथा मेगा फूड पार्क परियोजनाओं जिनमें न्यूनतम पूंजी निवेश 50 करोड़ या उससे अधिक होने पर लागत का 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राज्य सरकार देगी।

‘सबके लिए आवास’ मिशन में निजी क्षेत्र को भागीदारी

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प्रदेश कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) में निजी क्षेत्र की भागीदारी से जुड़े प्रस्ताव पर ही सहमति दे दी है। अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप योजना के तहत निजी क्षेत्र को कई सहूलियतें दी गई हैं।
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि पीएम आवास योजना-शहरी के तहत 2022 तक शहर के सभी पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मिशन पर सरकार तेजी से काम कर रही है।

केंद्र इस मिशन के चार कंपोनेंट्स में से अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप कंपोनेंट के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस आवासों के लिए 1.50 लाख अनुदान देती है। जबकि प्रदेश सरकार एक लाख रुपये देती है। इस अनुदान के लिए कम से कम 250 आवास तथा कुल आवासों का न्यूनतम 35 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए होना अनिवार्य है। ईडब्ल्यूएस आवासीय इकाइयों का न्यूनतम कारपेट एरिया 22.77 वर्ग मीटर तथा अधिकतम कारपेट एरिया 30 वर्ग मीटर होगा। इस योजना के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) 2.5 एवं अधिकतम घनत्व 600 आवासीय इकाइयां प्रति हेक्टेयर होगा। कुल एफएआर के अधिकतम 10 प्रतिशत का ही व्यवसायिक उपयोग हो सकेगा।

सिंह ने बताया कि चयनित विकासकर्ताओं को स्वीकृत इंसेंटिव के तहत अन्य सुविधाओं के साथ-साथ भू-उपयोग परिवर्तन की देयता से पूरी तरह छूट रहेगी। इसके अलावा वाह्य विकास शुल्क में भी 50 प्रतिशत रियायत मिलेगी। विकासकर्ता कोई गड़बड़ी न कर सकें इसलिए योजना का क्रियान्वयन रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अॅथारिटी से होगा। विकासकर्ता को वित्तीय सहायता की पहली व दूसरी किस्त 40-40 प्रतिशत की मिलेगी। तीसरी किस्त 20 प्रतिशत सरकारी अभिकरण के माध्यम से दी जाएगी।

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