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काले हिरनों की कब्रगाह बना लखनऊ जू, अब तक 13 मरे
आशुतोष मिश्र/लखनऊ
Updated Thu, 12 Sep 2013 09:34 AM IST
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लखनऊ चिड़ियाघर में काले हिरनों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है।
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ब्लैक बक बाड़े की ‘राउंड द क्लॉक वाच’ के बावजूद बुधवार सुबह से दोपहर तक तीन और हिरनों ने दम तोड़ दिया। इससे यह आंकड़ा 13 तक पहुंच गया है।
वहीं, वन विभाग के बुलावे पर देहरादून और आगरा से आनन-फानन विमान से पहुंचे दो विशेषज्ञ भी हिरनों की रहस्यमय मौत से हैरान हैं और देर शाम विशेषज्ञों की सलाह पर जू प्रशासन ने पूरे बाड़े को हॉस्पिटल के रूप में तब्दील कर दिया है।
उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुये मुख्यमंत्री ने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। जांच टीम ने देर शाम लखनऊ जू पहुंचकर पड़ताल की।
7 घंटे में एक-एक करके तोड़ा दम
मंगलवार तक 10 काले हिरनों की मौत के बाद बीमार चल रहे हिरनों की मौत का सिलसिला बुधवार सुबह से फिर शुरू हो गया और महज सात घंटे में तीन हिरनों ने दम तोड़ दिया।
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सुबह 6 बजे के करीब एक मादा हिरन की मौत हो गई। उसका इलाज बीती रात से जू अस्पताल में चल रहा था। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे बाड़े में चल-फिर रही एक वयस्क मादा अचानक गिर गई और दम तोड़ दिया।
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उसके पोस्टमॉर्टम की तैयारी चल ही रही थी कि 1:10 के करीब ढाई साल की एक और मादा लड़खड़ा कर गिर गई।
बाड़े के नजदीक ही वाच कर रही टीम उसे तुरंत उठाकर अस्पताल की ओर लेकर भागी, लेकिन हिरन के वाइटल साइन (जीवन शक्ति चिह्न) रास्ते में ही जवाब दे गए।
चिकित्सकों की टीम ने शाम चार बजे तक सभी के पीएम करने के बाद उनका शवदाह हॉस्पिटल कैंपस में कर दिया।
...और गिनती में 29 ही पाए गए
जू इन्वेंटरी में 7 सितंबर तक 44 काले हिरन थे। मंगलवार को ये 34 ही रह गए और बुधवार को 3 काले हिरनों की मौत के बाद इनकी संख्या घटकर 31 आ गई।
लेकिन जब भी बाड़े के बाहर से इनकी गिनती की गई तो ये 28-29 ही पाए गए। पूछने पर चिकित्सकों ने बताया कि कुछ बीमार हिरनों का बाड़े के अंदर बने रेस्ट हाउस में इलाज किया जा रहा है।
तेज बुखार की बात सामने आई
सात सितंबर से मर रहे सभी काले हिरनों को तेज बुखार की बात सामने आई है। जू के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि बीमारी और बुखार के चलते ही कुछ दिनों से सभी ने चरी छोड़ रखी थी।
जीवित हिरनों को भी बुखार है। उनका सामान्य शारीरिक तापमान दो से तीन डिग्री तक अधिक है। चिकित्सक के मुताबिक सभी को दवाएं और एंटी बायोटिक बढ़ाए गए हैं। सोमवार शाम से हिरनों ने चरी खुराक उठानी शुरू कर दी है।