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दुनिया के रंगमंच को अलविदा कह गए हेमेन्द्र भाटिया

Wed, 31 Aug 2022 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2022 01:57 AM IST
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death of artist hemendra bhatiya
लखनऊ। एक अनुपम मंच शिल्पी, लेखक, निर्देशक और अभिनेता हेमेंद्र भाटिया नहीं रहे। लखनऊ में रंगमंच से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों तक ये खबर मंगलवार सुबह दुख लेकर आई। साथ ही ताजा हो उठीं उनके साथ बिताए पलों की स्मृतियां। भारतेंदु नाट्य अकादमी को एक लंबा समय उन्होंने दिया था। बीएनए ने अपने पेज पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और लिखा कि अकादमी परिवार अपने प्रमुख स्तंभ को खोकर हतप्रभ, दुखी और शोक संतप्त है। एक पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन बीएनए में बुधवार को होगा। मूल रूप से कानपुर निवासी हेमेंद्र भाटिया को उनके जानने वाले लखनवी ही मानते आए हैं। हेमेंद्र भाटिया के बहनोई अजय कार्तिक ने बताया कि पैदा दिल्ली में हुए, पर कानपुर में जीवन का ज्यादा समय बिताया। फिर लखनऊ में आकर रहे।
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बीएन से रिश्ते को कुछ यूं बयां किया अनुपम खेर ने
हेमेंद्र भाटिया के बीएनए से रिश्ते को बालीवुड अभिनते अनुपम खेर ने अपने एफबी पेज पर कुछ यूं बयां किया।
‘द सॉन्ग इस एंडेड, बट द मेलोडी लिंगर्स ऑन...’ मैं और हेमेन्द्र भाटिया सितंबर 1979 में बीएनए में मिले थे। एक टीचर के रूप में वह मेरी पहली नौकरी थी। हम दोनों साथ-साथ एक फैकल्टी के रूप में सक्रिय रहे, राज बिसारिया जी के नेतृत्व में। मैं उस वक्त 24 साल का था, लेकिन वे मुझे खेर साहब ही कहा करते थे। तब से दोस्त बन गए। जब मैंने एक्टिंग इंस्टीट्यूट एक्टर प्रिपेयर्स की स्थापना की, उसे डिजाइन करने में उन्होंने मेरी मदद की। वो मेरा आत्मविश्वास थे। इसी तरह से नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने ट्वीट किया कि मेरे गुरु हेमेंद्र भाटिया ने मुझे एक्टिंग की टेक्निक सिखाई। अपने निर्देशन में मुझे अवसर दिया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे
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सुबह डांट, शाम को रूम पर खाना खिलाने बुलाना
बीएनए निदेशक प्रो. दिनेश खन्ना कहते हैं कि हमने तो उनसे अभिनय सीखा। पढ़ाते वक्त वे बहुत सख्त होते थे, डांट-फटकार सब मिली। शाम को निशातगंज स्थित रूम पर हम लोगों को खाना खिलाने बुला लेते थे। यानी एक नरमदिल, अद्भुत इंसान। अभिनेता अनिल रस्तोगी ने दर्पण की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि दी। बताया कि उन्होंने दर्पण के लिए कई नाटकों का निर्देशन किया। उनका अंतिम नाटक तुम था, जिसे उन्होंने हमारे लिए विशेष रूप से लिखा था।
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