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वक्त के साथ दफन हो जाते हैं जहरीली शराब से मौत के मामले
Sat, 09 Feb 2019 06:56 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: राजेश सैनी
Updated Sat, 09 Feb 2019 06:56 AM IST
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जहरीली शराब से मौत
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कुशीनगर व सहारनपुर में शराब से हुई मौतों ने एक बार फिर सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसा बड़ा है, लिहाजा कुछ कार्रवाई भी तय है और अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान भी चलाया जाएगा। मगर बड़ी कार्रवाई कब होगी, यह सवाल बना ही रहेगा।
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क्योंकि प्रदेश में जब भी ऐसे हादसे हुए, जांच हुई, अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला और आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई। पर, वक्त के साथ सारे मामले दफन गए। वहीं, लगभग डेढ़ साल आबकारी कानून को और भी सख्त बनाया गया, फिर भी जहरीली शराब से मौतें नहीं रुक रही हैं।
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बता दें, पिछले साल बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया था। जबकि शासन स्तर पर तर्क दिया गया कि मौत स्प्रिट पीने से हुई, न कि अवैध शराब पीने से। लिहाजा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह आजमगढ़ में अवैध शराब पीने से 25 लोगों की जान गई थी।
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इस मामले में भी यह कहकर अधिकारियों को बख्श दिया गया था कि जिले में उनकी नियुक्ति कुछ दिन पूर्व की गई थी। हालांकि कानपुर की घटना में कुछ बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई जरूर हुई थी, मगर आंच लखनऊ तक नहीं पहुंच सकी। वहीं, हर घटना के बाद 7 से 15 दिन तक विशेष अभियान चलाकर प्रदेश भर में लाखों लीटर अवैध शराब पकड़ी जाती है, फिर अगले हादसे के इंतजार में अभियान थम जाता है।
सितंबर 2017 में हुआ था कानून में बदलाव
राज्य सरकार ने 19 सितंबर 2017 को अध्यादेश जारी कर 107 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन किया था। इसमें एक नई धारा जोड़ते हुए अवैध शराब से मौत होने या स्थायी अपंगता होने पर आजीवन कारावास या 10 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों या मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया। वहीं, अधिकारियों के अधिकारों में भी बढ़ोतरी की गई थी। साथ ही उनकी भूमिका पाए जाने पर बर्खास्तगी तक का प्रावधान किया गया था।
योगी सरकार में अवैध शराब से मौत की 5वीं बड़ी घटना
योगी सरकार में अवैध शराब से मौत की यह पांचवीं बड़ी घटना है। इससे पहले पिछले वर्ष मई में कानपुर के सचेंडी और कानपुर देहात में जहरीली शराब पीने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। जुलाई 2017 में आजमगढ़ में अवैध शराब पीने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह 12 जनवरी 2018 को बाराबंकी में अवैध शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई थी।
पिछले कुछ सालों में जहरीली शराब से जुड़ी बड़ी घटनाएं
20 मई 2018 कानपुर देहात के रूरा में 9 लोगों की मौत
19 मई 2018 कानपुर नगर के सचेंडी में 7 लोगों की मौत
12 जनवरी 2018 बाराबंकी में 9 लोगों की मौत
2017 आजमगढ़ में 25 लोगों की मौत
2016 एटा में 24 लोगों की मौत
2015 लखनऊ व उन्नाव में 42 से अधिक की मौत
2013 आजमगढ़ के मुबारकपुर में 47 लोगों की मौत
2011 वाराणसी में 12 लोगों की मौत