यूपी में बाढ़ ने मचाई तबाही, 700 गांव फंसे
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अचानक बैराजों से छोड़े गए 10 लाख क्यूसेक पानी ने यूपी में अवध क्षेत्र के कई जिलों में शुक्रवार रात तबाही मचा दी। करीब 700 गांव पानी से घिरे हैं। इससे अब तक कुल 10 लोगों के मरने व कई के लापता होने की खबर है।
श्रावस्ती में जहां डूबने से छह लोगों की मौत हो गई, वहीं बहराइच में दो तो बलरामपुर में एक की मौत हो गई। कई लोग लापता हैं।
श्रावस्ती के इकौना व गिलौला में शुक्रवार शाम बाढ़ का हाल जानने गए डीएम निखिल चंद्र शुक्ला व एसपी सालिगराम वर्मा भी बाढ़ में फंस गए।
शनिवार रात 8 बजे दोनों मोटरबोट से किसी तरह तक वे मुख्यालय पहुंचे। बहराइच में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए शासन से दो हेलीकॉप्टर की डिमांड की गई है।
फैजाबाद, गोंडा, सीतापुर, अंबेडकरनगर व बाराबंकी में भी नदियों का कहर जारी है।
बाढ़ से निकाले गए 700 लोग
घाघरा और राप्ती नदी उफनाने से बहराइच के 195 गांवों की सवा लाख आबादी प्रभावित है। जिले के पिपरी गांव में दो की डूबने से मौत हो गई।
वहीं मिहींपुरवा व नवाबगंज में कुल मिलाकर पांच लोग बह गए जिनका पता नहीं चल सका है। बहराइच के डीएम सत्येंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए शासन से दो हेलीकॉप्टर की डिमांड की गई है।
दो कंपनी फ्लड पीएसी और एक कंपनी एनडीआरएफ के जवान पहुंचे हैं और दो कंपनी फ्लड पीएसी मांगी गई है। अब तक 700 लोगों को बाढ़ से निकाला गया है।
12 लाख की आबादी पर जान का संकट
श्रावस्ती में 122 गांव बाढ़ में डूब गए। 12 लाख की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां बाढ़ में छह लोगों की डूबकर मौत हो गई। वहीं नौ लापता हैं।
बहराइच से भिनगा की ओर आ रहे एक बाइक पर सवार दो लोग लक्ष्मननगर के पास कटे फोर लेन जा गिरे। दोनों अब तक लापता है। वहीं, बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए निकला सरकारी अमला भी जहां-तहां फंस गया।
जमुनहा में एडीएम रजनीश चंद्र के साथ सहायक निदेशक मत्स्य आरपी सिंह फंसे हुए हैं। बीएसएनएल सेवा ध्वस्त होने से लोगों का संपर्क कट गया है।
बलरामपुर जिले में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे 24 गांवों में पानी घुस गया है। बौद्ध परिपथ पर भी पानी आने की आशंका है। खरझार पहाड़ी नाले में बह रही लकड़ी पकड़ने के चक्कर में एक युवक की डूबकर मौत हो गई।
इस जिले में हर रास्ता जलमग्न
गोंडा जिले के करनैलगंज के साथ ही तरबगंज की ढाई लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। एल्गिन-चरसड़ी बांध और आदमपुर-रेवली बांध में जगह-जगह पर कटान शुरू हो गई है।
सीतापुर जिले के गांजरी क्षेत्र के 250 गांव घाघरा नदी की बाढ़ की चपेट में आ गए। क्षेत्र के सारे रास्ते जलमग्न हो गए हैं। रेउसा क्षेत्र में 150 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
वहीं रामपुर मथुरा में 100 गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लोग नावों के सहारे सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे हैं। बाढ़ से निपटने के प्रशासन के इंतजाम पूरी तरह से फेल साबित हो रहे हैं।
शारदा नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। बाराबंकी में घाघरा का जलस्तर तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। शनिवार शाम तक 60 गांवों में पानी घुस गया है।