जानलेवा हमले का मामला : कैसरगंज सांसद के खिलाफ पूर्व मंत्री के भाई ने दी गवाही, बताया जान का खतरा
इस मामले में कैसरगंज सांसद व राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह आरोपित हैं।
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पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह पर 28 साल पहले हुई ताबड़तोड़ फायरिंग का मामला एक बार फिर गरमा गया है। एमपी, एसएलए एफटीसी कोर्ट में चल रहे पूर्व मंत्री पर जानलेवा हमले के मामले में पूर्व मंत्री के भाई नरेंद्र सिंह ने गवाही दी है। इस मामले में कैसरगंज सांसद व राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह आरोपित हैं। गवाही देने के साथ पूर्व मंत्री के भाई नरेंद्र सिंह ने अपनी व अपने परिजनों की जान का खतरा बताया और पूरे परिवार को आजीवन सुरक्षा देने की मांग की। इस पर कोर्ट के न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सुरक्षा देने का आदेश दिया है। मामले में गवाही होने के बाद मामला चर्चा में है।
साल 1993 में पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह पर जानलेवा हमला हुआ था। उस समय उनके नवाबगंज थाने के बल्लीपुर आवास पर जान से मारने का प्रयास हुआ था और गोलियों की बौछार की गई थी। उस समय पूर्व मंत्री पंडित सिंह व नवाबगंज के विश्वनोहरपुर निवासी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच दुश्मनी जग जाहिर थी और जानलेवा हमले की रिपोर्ट भी थाने में दर्ज हुई थी। जिसमें सांसद नामजद हुए थे और अब यह मामला एक बार फिर चर्चा में हैं।
मामले के गवाह पूर्व मंत्री के भाई नरेंद्र सिंह ने बुधवार को कोर्ट में गवाही दी। इसके साथ ही उन्होंने गवाही देने के बाद कैसरगंज सांसद से जान से खतरा बताया। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लिया और साक्षी सुरक्षा योजना 2018 के तहत साक्षी नरेंद्र सिंह व उनके परिवार को आजीवन सुरक्षा देने का आदेश जारी किया है। पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में सुरक्षा दिए मुहैय्या कराने का आदेश दिया है।
गवाही और खतरे की आशंका से फिर बढ़ी रार
- पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में नरेंद्र सिंह की गवाही और खतरे की आशंका जताने के बाद एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कैसरगंज सांसद व पूर्व मंत्री के परिवार के बीच एक बार फिर तनाव होना तय माना जा रहा है। बीते मई 2021 में पूर्व मंत्री पंडित सिंह की कोरोना से मौत के बाद कैसरगंज सांसद आगे बढ़कर परिवार के साथ खड़े रहे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा था कि दोनों परिवार के बीच तल्खी दूर हो गई है और एक नए दौर की शुरूआत हुई है। इसी बीच हमले के मामले में गवाही और खतरे की आशंका ने नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि भाई पर हमले में न्याय के लिए नरेंद्र सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने उस समय बचाई थी जान
- पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह पर सन् 1993 में फायरिंग हुई थी तो उन्हें कई गोलियां लग गई थी। उस समय प्रदेश में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की सरकार थी। मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने हेलीकाप्टर से पूर्व मंत्री पंडित सिंह को अस्पताल भिजवाया और इलाज के पुख्ता इंतजाम किए। इससे उस समय गंभीर स्थिति में घायल होने के बाद भी उनकी जान बच गई थी। इसी मामले की सुनवाई न्यायालय में हो रही है।