फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   dattatreya hosbole speaks on Yoga and surya namaskar.

'अमेरिका ने गोमूत्र पर कराए तीन पेटेंट, हमारे यहां खिल्ली उड़ाते हैं'

Mon, 19 Jun 2017 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 19 Jun 2017 02:09 AM IST
विज्ञापन
 dattatreya hosbole speaks on Yoga and surya namaskar.
संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले - फोटो : file photo

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि सूर्य नमस्कार सिर्फ हिंदुओं का नहीं है। यह योग का अभिन्न हिस्सा है। जो लोग सूर्य नमस्कार को हिंदुओं का बताकर इसका विरोध करते हैं, उन्हें बताना चाहिए कि सूर्य क्या किसी एक संप्रदाय को ही प्रकाश और ऊर्जा देते हैं।

विज्ञापन


वहीं, उन्होंने गोमूत्र की खिल्ली उड़ाने वालों को भी जवाब दिया कि अमेरिका ने इस पर तीन पेटेंट करवाएं हैं, जबकि हमारे यहां इसकी खिल्ली उड़ाई जाती है।
होसबोले रविवार को यहां विश्व संवाद केंद्र में संघ के अवध क्षेत्र की पाक्षिक पत्रिका ‘अवध प्रहरी’ के योग विशेषांक का विमोचन करने के अवसर पर बोल  रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि योग सभी पंथ, संप्रदाय और देश को जोड़ता है। यह किसी एक संप्रदाय का न होकर पूरी मानवता के लिए है। भारत ने दुनिया को हजारों साल पहले संस्कृत, आयुर्वेद, परिवार पद्धति और योग दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


होसबोले ने कहा कि न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वॉयर में एक संस्था पिछले 10-12 साल से सूर्य नमस्कार का आयोजन कराती है। इसकी शुरुआत के समय पत्रकारों ने सवाल किया कि सूर्य नमस्कार भारतीय और हिंदुओं का है, तो आयोजकों ने जवाब दिया कि सूर्य से गर्मी और ऊर्जा सिर्फ हिंदू ही तो प्राप्त नहीं करते। इसलिए सूर्य से गर्मी और ऊर्जा प्राप्त करने वाला हर आदमी सूर्य नमस्कार कर सकता है। यह मनुष्य के मन, बुद्धि, आत्मा और शरीर के विकास के लिए आवश्यक है।

अकारण बना रहे विवाद का विषय

 dattatreya hosbole speaks on Yoga and surya namaskar.

होसबोले ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से सिद्ध हुआ है कि सूर्य नमस्कार में कोई उपासना नहीं है। पर, कुछ लोग इसे अकारण विवाद का विषय बनाकर समाज में फूट डालते हैं।

जो समाज में एकता नहीं चाहते, वे ही सूर्य नमस्कार में सांप्रदायिकता देखते हैं। इसे हिंदुओं का एजेंडा मानते हैं। उन्होंने कहा कि न्यूटन के जन्म से पहले भी सेव पेड़ से नीचे ही गिरता था।

गुरुत्वाकर्षण शक्ति तब भी थी, पर न्यूटन ने इस शक्ति को पहचाना और उसे परिभाषित किया। इसलिए इसे न्यूटन का नियम कहा गया। उसी तरह सूर्य नमस्कार प्रकृति का हिस्सा है।

बस हिंदुओं के पूर्वजों ने इसे पहचाना और परिभाषित किया। इसका मतलब यह नहीं कि सूर्य नमस्कार हिंदुओं का हो गया।

दुनिया अपना रही, हमारे यहां उड़ा रहे हैं मजाक

 dattatreya hosbole speaks on Yoga and surya namaskar.

होसबोले ने कहा कि अमेरिका ने गोमूत्र पर तीन पेटेंट कराए हैं। हमारे यहां बुद्धिजीवी खिल्ली उड़ाते हैं। आयुर्वेद में अच्छी चीजों को स्वीकार कर शोध कार्य होना चाहिए था, पर पिछले पचास सालों में नहीं हुआ। आयुर्वेद पढ़ने वालों को प्रतिष्ठा नहीं दी गई। उन्हें दोयम दर्जे का माना गया।

इस अवसर पर क्षेत्र कार्यवाह रामकुमार वर्मा, क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेंद्र सक्सेना, प्रांत प्रचारक कौशल, सह प्रांत प्रचारक रमेश, सह प्रांत प्रचार प्रमुख दिवाकर अवस्थी और अवध प्रहरी के संपादक शिवबली विश्वकर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सर्वेश कुमार सिंह ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed