दानिश अली का निलंबन: राहुल गांधी से करीबी पड़ी भारी, कुछ दिनों से लग रही थीं कांग्रेस में जाने की अटकलें
देवगौडा के अनुरोध पर दानिश अली को अमरोहा से बसपा ने चुनाव लड़वाया था। देवगौड़ा ने आश्वासन दिया था कि टिकट मिलने पर दानिश अली बसपा की नीतियों और निर्देशों का पालन करेंगे और पार्टी हित में काम करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने कुछ दिन पहले संसद में अमरोहा से बसपा सांसद दानिश अली से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर कई दलों के नेताओं ने सांसद का पक्ष लिया था। तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दानिश से मुलाकात की। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दानिश से मुलाकात की तो उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें लगाई जाने लगीं। यह भी बताया गया कि 2018 तक दानिश एचडी देवगौड़ा की जनता पार्टी के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे थे। बसपा ने जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर कर्नाटक में विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस दौरान दानिश अली खासे सक्रिय रहे। देवगौडा के अनुरोध पर दानिश अली को अमरोहा से बसपा ने चुनाव लड़वाया था। देवगौड़ा ने आश्वासन दिया था कि टिकट मिलने पर दानिश अली बसपा की नीतियों और निर्देशों का पालन करेंगे और पार्टी हित में काम करेंगे। इसके विपरीत वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे। इसी वजह से पार्टी ने उनको प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।
दानिश ने कहा फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
बहुजन समाज पार्टी से निलंबन पर अमरोहा सांसद दानिश अली ने कहा कि यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। वह कभी भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं रहे। इसकी गवाह अमरोहा की जनता है। उन्होंने लगातार भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया है। अगर ऐसा करना अपराध है तो यह उन्होंने किया है।
लोकसभा चुनाव की रणनीति पर बसपा का मंथन
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत चल रही तैयारियों पर रविवार को मंथन करेंगी। राजधानी स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर देश भर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इस दौरान बसपा सुप्रीमो अगले महीने अपने जन्मदिन के आयोजन को लेकर भी नये निर्देश देंगी।
पार्टी प्रवक्ता के मुताबिक बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों और राज्यों के वरिष्ठ नेताओं के साथ हालिया चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों से उपजी चुनौतियों से निपटने की रणनीति भी तय की जाएगी। वहीं लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत दावेदारी वाले उम्मीदवारों के नाम पर भी चर्चा होगी। बता दें विधानसभा चुनाव के नतीजों को विचित्र और रहस्यमयी बताते हुए बसपा सुप्रीमो ने देश भर के पदाधिकारियों को बैठक में बुलाया है।