Lucknow : पिता की मौत से परेशान शोध छात्रा ने दी जान, एल्डिको इलाके की घटना, चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
चौक निवासी सौरभ कामले (18) ने बृहस्पतिवार रात घर वालों को सॉरी लिखा और जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। इंस्पेक्टर केके तिवारी के मुताबिक, मूलरूप से महाराष्ट्र निवासी सौरभ सराफा बाजार में सोने की टकाई का कारीगर था।
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पिता की मौत के बाद से अवसाद में रह रही पीएचडी की छात्रा स्नेहा (28) ने शुक्रवार को फांसी लगा ली। वह पीजीआई इलाके में किराये के कमरे में रह रही थी। घटना उस वक्त हुई जब उसकी रूम पार्टनर बाहर गई थी। कमरे से पुलिस को हिंदी व अंग्रेजी में लिखा चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने समाज और अपनी मौजूद हालात का जिक्र किया है।
एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास के मुताबिक, प्रयागराज के बमरौली निवासी स्नेहा डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से जियोलॉजी में पीएचडी कर रही थी। वह एल्डिको के उपहार इलाके में सहेली गरिमा के साथ किराये पर रहती थी। दोपहर में गरिमा बाहर काम से चली गई तो स्नेहा ने चादर से फांसी लगा ली। जब गरिमा लौटी तो हादसे की जानकारी हुई। स्नेहा की चीख सुनकर आसपास लोग जमा हो गए। सूचना पर पीजीआई पुलिस भी पहुंच गई। खबर पाकर लखनऊ में रहने वाले स्नेहा के रिश्तेदार भी पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि जनवरी में छात्रा के पिता शांता सिंह की मौत हो गई थी और वह तब से परेशान थी। इसके चलते ही उसने आत्महत्या कर ली।
बुरे दौर में सबने मेरे को अकेला कर दिया...
पुलिस को कमरे से चार पन्ने का लिखा सुसाइड नोट मिला। तीन पन्ने हिंदी में और एक पन्ना अंग्रेजी में था। एडीसीपी पूर्वी ने बताया कि छात्रा ने सुसाइड नोट में अकेलेपन का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में उसने अपने मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए लिखा कि जिंदगी में वह पूरी तरह अकेली हो चुकी है। उसने इस बात को भी लिखा कि अच्छे वक्त पर हर कोई खड़ा रहता है, पर दिक्कत के समय कोई नहीं नजर आता है। नोट में एक जगह स्नेहा ने लिखा था कि बुरे दौर में सबने मेरे को अकेला कर दिया..। अंग्रेजी के पन्ने में उसने लिखा है कि पिता की बिना वह रह नहीं पा रही है और इसलिए आत्महत्या का कदम उठा रही है।
रात में गाना बजाकर डांस किया, सुबह फंदे से लकटता मिला
लखनऊ में पारा के न्यू काशीराम कॉलोनी में हरदोई के औलाद नगर निवासी सूरज(27) बृहस्पतिवार रात फांसी लगा ली। उससे पहले उसने गाना बजा कर डांस किया, सुबह पत्नी ने फंदे से लटकता देखा तो दंग रह गई। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इंस्पेक्टर श्रीकांत राय के मुताबिक सूरज मजदूरी कर खर्च चलाता है। पत्नी अंजली देर रात खाना खाने के बाद वह दूसरे कमरे जाकर बाहर से दरवाजा बंद कर लिया। गाना बजा कर डांस करने लगा। सुबह पत्नी जब उठी तो दूसरे कमरे का दरवाजा खटखटाया दरवाजा ना खुलने पर दरवाजा तोड़कर कमरे में गई तो पति को लटकता देख कर बेहोश हो गई। आत्महत्या के कारणों पता लगाया जा रहा है। परिवार में तीन बच्चों के साथ रहकर मजदूरी करता था।
जंगल में लटकता मिला चालक का शव
लखनऊ में गुडंबा स्थित ज्ञान डेरी के पीछे जंगल में शुक्रवार को सीतापुर के चक्कर पुरवा निवासी राहुल(30) का शव फंदे से लटकता मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए जांच की मांग की है।
इंस्पेक्टर नितिश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक राहुल सीतापुर रोड के पास रहने वाले अतुल की प्राइवेट दुग्ध वाहमन चलाता था। भाई वकील ने बताया शुक्रवार सुबह तड़के गुडंबा स्थित एक निजी दूध डेरी(ज्ञान) से लोड लेने के लिए गया था। उसके बाद वह गाड़ी लेकर पास के पेट्रोल पंप के किनारे गाड़ी खड़ी करके फोन पर किसी से किसी से बात करने लगा। उसके बाद दोबारा जब लोगों ने फोन किया फोन नहीं उठा।
गुडंबा डेरी के पास स्थित पेट्रोल पंप के गाड़ी खड़ी देख कर उसकी खोजबीन शुरू हुई तो पाया रोड से अंदर जंगल में शव लटकता मिला। इंस्पेक्टर के मुताबिक मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर मामले की छानबीन कर रही है। भाई ने बताया कि उसकी गांव के पास के रहने वाले एक युवक से 2 साल पहले लड़ाई झगड़ा हो गया था। उसके बाद फोन करके लगातार धमकाता रहता था। शुक्रवार सुबह भी उसने फोन पर बात की थी। पहली बार तो उसने फोन करके बात कर ली थी। दोबारा फोन आने पर उसने फोन को पिक नहीं किया था। मृतक की शादी की बात चल रही थी।
लेखपाल के बेटे ने लगाई फांसी, जांच की मांग
लखनऊ में अलीगंज के सेक्टर बी इलाके में बृहस्पतिवार को संदिग्ध हालात में हरदोई निवासी वेदांत शुक्ला(19) ने फांसी लगा ली। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय के मुताबिक वेदांत यहां से कंप्यूटर ओ लेवल का कोर्स कर रहा था। लेखपाल पिता आशीष शुक्ला ने बताया बृहस्पतिवार दोपहर को उसकी अपने बेटे से बात हुई तो उसने कुछ तबीयत खराब बताई। इसपर हरदोई चले आओ। थोड़ी देर बाद जब उसने कॉल की तो उठा नहीं।मकान मालिक को जानकारी दी। उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार भर खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला। पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो से लटकता पाया। आननफानन में उतारकर उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर के मुताबिक मोबाइल को कब्जे में लेलिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इकलौते बेटे की मौत से रो-रोकर बुरा हाल
वेदांत परिवार का इकलौता सहारा था। बचपन से ही उसकी हर मांग को एक बार में पूरा किया, लेकिन वह इस तरह से कदम उठाएगा पता ही नहीं था। पिता बोले क्या दिक्कत थी एकबार बताई भी नहीं। जैसे ही मौत की खबर पहुंची तो मां बेसुध होकर गिर पड़ी। वहीं पिता भी खुद को संभाल नहीं पाए। परिवार में पिता और मां ज्योति है।
घरवालों को सॉरी लिखकर खाया जहरीला पदार्थ, मौत
चौक निवासी सौरभ कामले (18) ने बृहस्पतिवार रात घर वालों को सॉरी लिखा और जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। इंस्पेक्टर केके तिवारी के मुताबिक, मूलरूप से महाराष्ट्र निवासी सौरभ सराफा बाजार में सोने की टकाई का कारीगर था। देर रात उसकी अपने भाई से बात हुई। इसके बाद उसने उन्हें सॉरी लिख कीटनाशक पी लिया था।