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डकैत कुसुमा जेल में बनी पुजारन, कभी निकाल लेती थी आंखें

ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 25 Dec 2015 09:53 AM IST
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dacoit kusuma nain regretting in jail

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कभी बीहड़ में अपनी क्रूरता के लिए कुख्यात डकैत कुसुमा नाइन जेल में पुजारिन बन गई है। अनपढ़ होने के कारण वह दूसरे बंदियों से बारी-बारी रामायण और गीता पढ़वाकर सुनती है। कोई भी व्रत वह नहीं छोड़ती।
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वह कहती है कि यह सब करने से शायद भगवान पाप कम कर दे। उम्रदराज हो चुकी इस महिला डकैत की दिनचर्या आम बंदियों में चर्चा बन गई है।

कुसुमा नाइन ने बंदियों की मदद से राम लिखना भी सीख लिया है। जब भी खाली होती है तो वह कॉपी में राम-राम लिखने लगती है। रामायण और गीता तो बंदियों से सुबह-शाम सुनना उसकी दिनचर्या में शामिल हो गया है।


कुसुमा नाइन कभी बेहद कुख्यात रही है। वह जिंदा लोगों की आंखे तक निकाल लेती थी। जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह बताते है कि उसका ज्यादातर टाइम पूजा-पाठ और व्रत रहने में ही कटता है।
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डकैतों के गुरू भी बंदियों को दे रहे हैं क्लास

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