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Lucknow News: नहीं मिले सिलिंडर... भट्ठियों की आंच पर जल गया भरोसा
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सिलिंडर न मिलने से दुकानों में सन्नाटा।
लखनऊ। होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को व्यावसायिक सिलिंडर देने के एलान के बाद भी शुक्रवार को बाजार का हाल नहीं बदला। सरकार का भरोसा भट्ठियों की आंच पर जलता दिखा। वहीं, शादियों में लकड़ी की भट्ठियां तैयार की गईं। रेहड़ी-पटरी वाले घरेलू सिलिंडर के ही भरोसे रहे। सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडर की सप्लाई में 20 प्रतिशत कोटा देने की बात कही है, लेकिन अभी इसके सकारात्मक रुझान नहीं आए हैं। जानकारी के मुताबिक, हर दिन शहर में 2000 व्यावसायिक सिलिंडर की खपत है।
1000 लोगों का खाना 25 चूल्हे के भरोसे
नगराम रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में लकड़ी की भट्ठियां तैयार कर खाना पकाया जा रहा है। कैटरिंग कारोबारी लालू ने बताया कि शुक्रवार को तिलक कार्यक्रम में 200 लोगों के लिए आठ चूल्हे जलाए गए। शनिवार को शादी है, जिसमें 1000 लोगों के लिए खाना बनेगा। इसके लिए 25 चूल्हे तैयार किए गए हैं।
देर में पकने से लौट जा रहे ग्राहक
निशातगंज के होटल संचालक रामू ने बताया कि सिलिंडर नहीं मिलने से भट्ठी पर खाना बना रहे हैं। 10 मिनट का काम आधे-एक घंटे में हो पा रहा है। समय पर खाना न मिलने से आधे ग्राहक लौट जा रहे हैं।
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घरेलू सिलिंडर के सहारे रोजी-रोटी
नरही के पास चाय की दुकान चलाने वाले राहुल ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर की बुकिंग नहीं हुई तो घरेलू सिलिंडर से काम चलाना पड़ रहा है। अन्यथा शनिवार से दुकान बंद हो जाएगी।
खत्म हुई गैस, बंद हुई दुकान
ठाकुरगंज के सतीश ने बताया कि वह इडली-डोसे की दुकान लगाते है। शुक्रवार सुबह वेंडर से बात करने पर भी व्यवसायिक सिलिंडर नहीं मिला तो घर का सिलिंडर उठा लाए। दोपहर में उसकी भी गैस खत्म हो गई। लिहाजा दोपहर में दो बजे ही दुकान भी बंद हो गई।
खाने के साथ बातें सुना रहा ग्राहक
गुलिस्ता कॉलोनी के बंदरिया बाग के पास कबाब-पराठे का स्टॉल लगाए रईस बताते हैं कि तीन दिनों से लकड़ी की भट्टी पर कबाब-पराठे बनाकर कस्टमर को दे रहे हैं। ग्राहक खा तो रहा है, मगर चार बातें सुना रहा है, क्योंकि उन्हें ठंडा देने पर वह मजा नहीं आ रहा है जो गरमागरम खाने में आता है।
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1000 लोगों का खाना 25 चूल्हे के भरोसे
नगराम रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में लकड़ी की भट्ठियां तैयार कर खाना पकाया जा रहा है। कैटरिंग कारोबारी लालू ने बताया कि शुक्रवार को तिलक कार्यक्रम में 200 लोगों के लिए आठ चूल्हे जलाए गए। शनिवार को शादी है, जिसमें 1000 लोगों के लिए खाना बनेगा। इसके लिए 25 चूल्हे तैयार किए गए हैं।
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देर में पकने से लौट जा रहे ग्राहक
निशातगंज के होटल संचालक रामू ने बताया कि सिलिंडर नहीं मिलने से भट्ठी पर खाना बना रहे हैं। 10 मिनट का काम आधे-एक घंटे में हो पा रहा है। समय पर खाना न मिलने से आधे ग्राहक लौट जा रहे हैं।
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घरेलू सिलिंडर के सहारे रोजी-रोटी
नरही के पास चाय की दुकान चलाने वाले राहुल ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर की बुकिंग नहीं हुई तो घरेलू सिलिंडर से काम चलाना पड़ रहा है। अन्यथा शनिवार से दुकान बंद हो जाएगी।
खत्म हुई गैस, बंद हुई दुकान
ठाकुरगंज के सतीश ने बताया कि वह इडली-डोसे की दुकान लगाते है। शुक्रवार सुबह वेंडर से बात करने पर भी व्यवसायिक सिलिंडर नहीं मिला तो घर का सिलिंडर उठा लाए। दोपहर में उसकी भी गैस खत्म हो गई। लिहाजा दोपहर में दो बजे ही दुकान भी बंद हो गई।
खाने के साथ बातें सुना रहा ग्राहक
गुलिस्ता कॉलोनी के बंदरिया बाग के पास कबाब-पराठे का स्टॉल लगाए रईस बताते हैं कि तीन दिनों से लकड़ी की भट्टी पर कबाब-पराठे बनाकर कस्टमर को दे रहे हैं। ग्राहक खा तो रहा है, मगर चार बातें सुना रहा है, क्योंकि उन्हें ठंडा देने पर वह मजा नहीं आ रहा है जो गरमागरम खाने में आता है।

सिलिंडर न मिलने से दुकानों में सन्नाटा।

सिलिंडर न मिलने से दुकानों में सन्नाटा।

सिलिंडर न मिलने से दुकानों में सन्नाटा।

सिलिंडर न मिलने से दुकानों में सन्नाटा।

सिलिंडर न मिलने से दुकानों में सन्नाटा।