सोशल मीडिया पर छेड़खानी: लड़कियों की तस्वीरें पोर्नोग्राफी साइटों पर डालने की शिकायतें सबसे ज्यादा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिये महिलाओं के साथ छेड़खानी व ब्लैक मेलिंग के मामलों मे सात गुना शिकायतें बढ़ गई हैं। बुधवार को महिला पावर लाइन 1090 की ओर से जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई।
1090 की एडीजी अंजू गुप्ता ने बताया कि 2017 में साइबर बुलिंग (सोशल मीडिया के जरिये धमकी, छेड़छाड़, अश्लील मैसेज वीडियो भेजना व ब्लैकमेल करना) के मामले में 2017 के मुकाबले 7 गुना बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
2017 में इस तरह के 3,990 मामले दर्ज किए गए थे जो 2018 में बढ़कर 17,056 हो गए। जबकि 2019 में 1 जनवरी से 30 नवंबर तक 28,578 मामले दर्ज किए गए।
बदनाम करने की कोशिश सबसे ज्यादा
बदनाम करने की नियत से लड़कियों की फेक प्रोफाइल बनाना, उनकी तस्वीरों का गलत प्रयोग करना और पोर्नोग्राफी साइटों पर अपलोड करने की सबसे अधिक 53 प्रतिशत शिकायतें मिलीं।
सोशल मीडिया के जरिये धमकी व उत्पीड़न के 18 प्रतिशत मामले सामने आए। जबकि 17 प्रतिशत शिकायतें आपत्तिजनक मेसेज को लेकर थीं। हैकिंग के सात और ब्लैक मेलिंग के 6 प्रतिशत मामले दर्ज कराए गए।
गलत इस्तेमाल में व्हाट्सएप नंबर एक
पीड़ित महिलाओं की सबसे अधिक शिकायतें व्हाट्सएप से संबंधित थीं। दूसरे नंबर पर फेसबुक और तीसरे नंबर पर इंस्टाग्राम रहा। एडीजी ने दावा किया कि जो शिकायतें महिला पावर लाइन के पास आईं, उसमें से 99 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है।