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प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने पर फिलहाल रोक, बिजली बंद होने के मामले में 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

Fri, 21 Aug 2020 08:33 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 21 Aug 2020 08:33 AM IST
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Currently ban on installation of smart meters in up Report seeking in 15 days In case of power off
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जन्माष्टमी के दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली बंद होने के बाद प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि जब तक खामियां दूर नहीं हो जातीं तब तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। 
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इस मामले में पावर कार्पोरेशन अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एम. देवराज ने बृहस्पतिवार को एनर्जी एफिसिएंशी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) को पत्र भेजकर  मीटर लगाने का काम 15 दिन के लिए रोकने को कहा है। 
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ऊर्जा मंत्री ने पावर कार्पोरेशन से 15 दिन में स्मार्ट मीटर मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। ऊर्जा मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि पहले यह जांच की जाएगी कि ऑटो डिस्कनेक्ट कैसे हुआ? सर्वर खराब था या मीटर में खराबी हुई है? 12 अगस्त की रात को डिस्कनेक्ट हुआ तो 16 अगस्त तक ठीक कैसे नहीं हुआ? 
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उन्होंने बताया कि पावर कार्पोरेशन को जांच रिपोर्ट के साथ समस्या के समाधान और आगे की कार्ययोजना बनाकर भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विशेषज्ञों की समिति के समक्ष स्मार्ट मीटर का प्रजेंटेशन कराया जाएगा। 

समिति की रिपोर्ट के बाद ही स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब जो भी कनेक्शन लगेगा प्री-पेड मीटर पर लगेगा।

टेंडर की शर्तों का उल्लंघन हुआ
ऊर्जा मंत्री ने माना कि एलएंडटी, ईईएसएल और पावर कार्पोरेशन ने टेंडर की शर्तों का उल्लंघन किया है। स्मार्ट मीटर वहीं लगाए जाने थे जहां पर सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती हो, लेकिन इन संस्थाओं ने सभी जगह स्मार्ट मीटर लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पावर कार्पोरेशन की स्वायतता के नाम पर मनमर्जी नहीं चलेगी। पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष को जवाबदेही तय करने के लिए अधिकृत किया गया है।  

साजिश की संभावना से इनकार नहीं
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसमें किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। आखिर जन्माष्टमी के दिन ही लखनऊ, मथुरा, गोरखपुर और वाराणसी में स्मार्ट मीटर डिस्कनेक्ट क्यों हुए? 

पहले की जांच की रिपोर्ट नहीं मिली
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मीटर को लेकर मिली शिकायतों के लिए जनवरी में जांच कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को फरवरी 2020 में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हुई है। कमेटी के सदस्यों का कहना है कि कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान प्रयोगशाला बंद होने से मीटरों की जांच नहीं हो पाई है। 

उपभोक्ताओं की जीत : परिषद
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पुरानी तकनीक के 2जी व 3जी स्मार्ट मीटरों को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ी जा रही है। इन मीटरों को लगाए जाने पर रोक लगना उपभोक्ताओं की जीत है। उन्होंने इस फैसले के लिए ऊर्जा मंत्री का आभार जताया है।
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