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Lucknow News: मेडिकल कॉलेज में उमड़ी मरीजों की भीड़, नाकाफी साबित हुईं व्यवस्थाएं
Tue, 26 Aug 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:22 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में दवा काउंटर के सामने लगी मरीजों की भीड़।
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी, तो सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। सुबह से दोपहर दो बजे तक ओपीडी में हर जगह मरीजों व तीमारदारों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। 2,126 नए मरीजों ने पंजीकराण कराया, जबकि एक हजार से ज्यादा पुराने मरीज भी इलाज कराने पहुंचे। हालात यह रहे कि दवा लेने और जांच कराने में मरीजों के पसीने छूट गए। बीमारी से परेशान लोग थककर फर्श पर बैठ गए और अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
दवा लेने में हुई परेशानी
मेडिकल कॉलेज में दवा वितरण के लिए महिला, पुरुष, वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांगों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ के आगे ये व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। सभी काउंटरों पर इतनी लंबी लाइन लगी रही कि मरीजों को एक घंटे से पहले दवा मिलना मुश्किल हो गया। कतार में खड़ीं फिरदौस ने बताया कि सुबह बुखार की शिकायत लेकर आई थीं, लेकिन परचा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक लाइन में ही समय बीत गया। अब दवा लेने के लिए घंटों खड़े रहना पड़ रहा है। वहीं, जमीला बानो लाइन में खड़े होने के बाद थककर फर्श पर बैठ गईं। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे पहुंचीं, लेकिन दवा मिलने तक शरीर जवाब देने लगा।
फर्श पर बैठे मरीज
लैब और ब्लड सैंपल कलेक्शन के एरिया में भीड़ का आलम यह रहा कि बैठने की जगह कम पड़ गई। बार कोडिंग कक्ष में रोजाना 700 से 800 मरीजों की जांच हो रही है। मरीजों को पहले वायल लेने और फिर सैंपल देने के लिए अलग-अलग लाइन में लगना पड़ा। नीलम ने बताया कि भीड़ की वजह से खड़े रहना मुश्किल हो गया। हीरावती ने कहा कि वायल लेने से लेकर ब्लड का नमूना देने तक का सफर बेहद थका देने वाला साबित हो रहा है। ओपीडी, दवा वितरण काउंटर और लैब, हर जगह मरीजों की कतारें ही कतारें दिखीं। इंतजार से बेहाल लोग फर्श पर बैठने को मजबूर हो गए।
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मरीजाें को बेहतर इलाज के लिए काफी अच्छी व्यवस्था की गई है। भीड़ अधिक होने से थोड़ी परेशानी आती है। गार्डों को कहा गया है कि कोई मरीज व तीमारदार फर्श पर न बैठे, उन्हें बेंच पर बैठाया जाए। जल्द ही अन्य व्यवस्थाएं भी दुरूस्त हो जाएंगी।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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दवा लेने में हुई परेशानी
मेडिकल कॉलेज में दवा वितरण के लिए महिला, पुरुष, वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांगों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ के आगे ये व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। सभी काउंटरों पर इतनी लंबी लाइन लगी रही कि मरीजों को एक घंटे से पहले दवा मिलना मुश्किल हो गया। कतार में खड़ीं फिरदौस ने बताया कि सुबह बुखार की शिकायत लेकर आई थीं, लेकिन परचा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक लाइन में ही समय बीत गया। अब दवा लेने के लिए घंटों खड़े रहना पड़ रहा है। वहीं, जमीला बानो लाइन में खड़े होने के बाद थककर फर्श पर बैठ गईं। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे पहुंचीं, लेकिन दवा मिलने तक शरीर जवाब देने लगा।
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फर्श पर बैठे मरीज
लैब और ब्लड सैंपल कलेक्शन के एरिया में भीड़ का आलम यह रहा कि बैठने की जगह कम पड़ गई। बार कोडिंग कक्ष में रोजाना 700 से 800 मरीजों की जांच हो रही है। मरीजों को पहले वायल लेने और फिर सैंपल देने के लिए अलग-अलग लाइन में लगना पड़ा। नीलम ने बताया कि भीड़ की वजह से खड़े रहना मुश्किल हो गया। हीरावती ने कहा कि वायल लेने से लेकर ब्लड का नमूना देने तक का सफर बेहद थका देने वाला साबित हो रहा है। ओपीडी, दवा वितरण काउंटर और लैब, हर जगह मरीजों की कतारें ही कतारें दिखीं। इंतजार से बेहाल लोग फर्श पर बैठने को मजबूर हो गए।
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मरीजाें को बेहतर इलाज के लिए काफी अच्छी व्यवस्था की गई है। भीड़ अधिक होने से थोड़ी परेशानी आती है। गार्डों को कहा गया है कि कोई मरीज व तीमारदार फर्श पर न बैठे, उन्हें बेंच पर बैठाया जाए। जल्द ही अन्य व्यवस्थाएं भी दुरूस्त हो जाएंगी।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज