'गंध मचा रखी है कई अफसरों ने, कप्तान तो लुटेरे जैसे'
‘गंध मचा रखी है कई अफसरों ने। जिले में तैनात हो गए हैं तो राजा नहीं हो गए हैं। कई तो लुटेरों से भी खराब हैं। रेंज के डीआईजी व आईजी क्या कर रहे हैं। उन्हें नहीं दिख रहा है कि क्या हो रहा है। सबकी जिम्मेदारी तय होती है। यह आखिरी चेतावनी है, इसके बाद कार्रवाई होगी। ऐसे अफसरों के खिलाफ एंटी करप्शन की जांच होगी।’
ये शब्द हैं सूबे में पुलिस के मुखिया डीजीपी जगमोहन यादव के। वे शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। चार घंटे तक चली समीक्षा के दौरान डीजीपी की नाराजगी साफ झलकी।
समीक्षा में सभी जोन के प्रभारियों, रेंज व जिलों के कप्तानों से उनके कार्यक्षेत्र की सनसनीखेज घटनाओं, पुलिस की कार्रवाई, पंचायत चुनाव के मद्देनजर दिए गए निर्देशों पर हो रहे अमल आदि मुद्दों पर जवाब तलब किया गया।
अपने आपको राजा समझ लिया है क्या
डीजीपी ने मातहतों से कहा कि अब पानी सिर से ऊपर बह रहा है। कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो न दस बजे अपने दफ्तर पहुंचते हैं न ही आम लोगों से सही व्यवहार करते हैं। इन अफसरों ने अपने आपको किसी रियासत का राजा समझ लिया है क्या? सरकारी सेवक हो तो सरकार की मंशा पर काम करो।
सुधर जाओ, नहीं तो रिपोर्ट ऊपर भेज देंगे
डीजीपी ने कहा कि मेरे पास हर जिले की सूचना है। कुछ जिलों में अफसर कप्तान न होकर लुटेरों जैसा बर्ताव कर रहे हैं। अच्छी पोस्टिंग देने के लिए लाखों की वसूली करते हैं। जमीन के मामलों में गैर जरूरी हस्तक्षेप करते हैं।
अभी भी मौका है खुद को सुधार लें वर्ना रिपोर्ट को ऊपर तक भेज देंगे। ऐसे अफसरों की एंटी करप्शन से जांच कराई जाएगी तब सफाई देने का मौका नहीं होगा।