वकील को पीटने वाले दरोगा सिपाही सस्पेंड

टीम डिजिटल/अमर उजाला,लखनऊ Updated Wed, 07 May 2014 03:10 AM IST
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Sub inspector and constable suspended

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अधिवक्ता के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता व मारपीट के आरोपी कृष्णानगर थाने के दरोगा व सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है।
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हालांकि मारपीट से नाराज हाईकोर्ट के वकीलों ने मंगलवार को अदालती काम नहीं किया।
हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेरठ क्राइम ब्रांच को जांच के निर्देश दिए है, जिसकी निगरानी अदालत करेगी।
इसके साथ ही एसएसपी को याची वकील व उसके संबंधी को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने अगली सुनवाई 8 मई को तय करने के साथ ही राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है।

कोर्ट द्वारा याचिका के मामले में दिए गए आदेश के बाद अवध बार एसोसिएशन के वकीलों ने 7 मई से अदालती कामकाज का निर्णय लिया है।

जस्टिस देवेन्द्र प्रताप सिंह व जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता अविनाश चंद्र की रिट पर दिया।

इसमें याची ने स्थानीय कृष्णानगर थाने के संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें सस्पेंड करने के निर्देश दिए जाने का आग्रह किया था।

राज्य सरकार के मुख्य स्थाई अधिवक्ता आईपी सिंह व शासकीय अधिवक्ता रिशाद मुर्तजा ने कृष्णानगर थाने के आरोपी दरोगा अनुराग कुमार उपाध्याय और हेड कांस्टेबल जगजीत सिंह व एक अन्य के खिलाफ वकील की एफआईआर दर्ज हो गई है।

एसएसपी लखनऊ हुए पेश
इसके बाद अदालत ने एसएसपी लखनऊ को जनरल डायरी समेत पूरे ब्योरे के साथ दोपहर बाद दो बजे तलब कर लिया।

एसएसपी ने अदालत को बताया कि याची वकील द्वारा दर्ज कराई गई उक्त एफआईआर के अलावा कृष्णानगर थाने में गत् दो मई को दो अन्य एफआईआर भी दर्ज हुई थीं।

कोर्ट ने इन तीनों एफआईआर की तफ्तीश क्राइम ब्रांच मेरठ को दिए जाने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को निर्देश दिया कि इन तीनों मामलों की विवेचना के लिए तत्काल क्राइम ब्रांच मेरठ के एक अफसर को तैनात करें। ये अफसर एक माह में तफ्तीश पूरी करेगा।

अदालत इस विवेचना की प्रगति की रिपोर्ट के तहत इसकी निगरानी करेगी। कोर्ट ने तफ्तीश के लिए दो दिन में सपोर्टिंग स्टाफ समेत अन्य संसाधन मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं।

उधर याची की तरफ से अवध बार एसोसिएशन कअे ध्यक्ष अमिताभ मिश्र व महासचिव रमेश पांडेय समेत अन्य वकील उपस्थित हुए।

यह था मामला
अपर शासकीय अधिवक्ता मधूलिका यादव के मुताबिक याची अधिवक्ता का आरोप है कि उनकी महिला संबंधी के साथ 1/2 मई की रात एक शादी समारोह में अभद्रता की गई।

इस मामले में विवाद के बाद पुलिस उनके संबंधियों को कृष्णानगर थाने ले गई। जब याची अधिवक्ता वहां पहुंचा तो पुलिस ने उसको भी मारा-पीटा व अभद्रता की।
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