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इलाहाबाद विवि के छात्रनेता समेत चार गिरफ्तार, फर्जी कॉल सेंटर से लगा रहे थे लोगों को चूना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:23 AM IST
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गिरफ्तार किए गए जालसाज
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लोन दिलाने और रकम का बीमा कराने के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है। यह गिरोह मड़ियांव की एसबीआई कॉलोनी में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को फंसाता था। साइबर सेल ने शुक्रवार को छापा मारकर चार शातिरों को गिरफ्तार कर लिया।
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इनमें एक आरोपी अर्पित सिंह इलाहाबाद विवि का छात्रनेता रहा है। गिरोह का सरगना सुल्तानपुर के दो भाई अमित कुमार सिंह व अतुल कुमार सिंह थे। इनमें से अमित फरार है। शातिरों के खिलाफ कोलकाता व राजस्थान में भी मुकदमा दर्ज है।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, यह फर्जी कॉल सेंटर महिला सपा नेता के घर में चल रहा था। उन्होंने घर को किराए पर दे रखा था। इस मामले में आजमगढ़ के दुरबासा बाजार निवासी गौरव सिंह, सुल्तानपुर के जयसिंहपुर सरइया निवासी अर्पित सिंह व अतुल कुमार सिंह और नई दिल्ली के मुबारकपुर दबास नागलोई के सूरज सोनी को गिरफ्तार किया है।
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जालसाजों में मास्टरमाइंड समेत दो शातिर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीटेक किए हुए हैं। वहीं एक ने विधि की डिग्री ले रखी है। पुलिस को इनके पास से 12 कंप्यूटर, 12 सीपीयू, 16 मोबाइल, 18 डेटा डायरी, दो उपस्थिति रजिस्टर, 4 बंडल (पांच हजार से अधिक पीड़ितों के) मोबाइल नंबरों का डेटा सीट, एक बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन, पांच एंड्रायड मोबाइल, 20 सिम, फर्जी आधार व पैन कार्ड बरामद हुए हैं।
शातिर इतने कि झांसा देने के लिए बनवाई सिटी बैंक की वेबसाइट
जालसाजों के पास से एकत्रित सामग्री
साइबर क्राइम सेल के नोडल अधिकारी व क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र ने बताया कि जालसाजों ने सिटी बैंक के नाम से एक वेबसाइट बना रखी थी। ताकि लोगों को लगे कि उनकी बातचीत सीधे बैंक के अधिकारियों से हो रही है। www.online.citibank.co.in के नाम से साइट बनवाई थी। सिटी की स्पेलिंग में हेराफेरी कर दी थी। इसी साइट से पत्राचार होता था। जानकारी जुटाने के लिए एक नंबर पर व्हाट्सएप भी चलाते थे।