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बद्री सराफ के मालिक के बेटे ने खुद को गोली से उड़ाया, नौकर से बोल कर गया, अब कभी नहीं दिखूंगा

Tue, 19 Feb 2019 10:44 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 19 Feb 2019 10:44 AM IST
son of badri saraf commits suicide in lucknow.
- फोटो : amar ujala

लखनऊ शहर के प्रतिष्ठित बद्री सराफ के मालिक सुधीर केसरवानी के बेटे अनुज केसरवानी (37) ने सीने में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सोमवार सुबह महानगर स्थित पुश्तैनी मकान के बेडरूम में उसका शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने छानबीन की, पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।



महानगर क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि अनुज का शादी के एक साल बाद ही तलाक हो गया था, इसलिए वह अवसाद में रहता था। इसके चलते ही उसने खुदकुशी की है। फिलहाल जांच चल रही है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि अनुज विकासनगर स्थित शोरूम में पिता के साथ कारोबार संभालता था।


रविवार दोपहर करीब एक बजे वह दुकान से स्कूटी लेकर निकला। चलते वक्त शोरूम में रखी पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर और पुश्तैनी मकान की चाबियां साथ ले गया। इसके बाद लौटकर शोरूम नहीं पहुंचा। रात को भी घर नहीं आया तो परिवारीजनों को चिंता सताने लगी। भाई अभिषेक ने बताया कि उसे दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों के घर ढूंढा गया, पर कुछ पता नहीं चला।
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इस बीच शोरूम से लाइसेंसी रिवॉल्वर और महानगर के बी ब्लॉक स्थित पुश्तैनी मकान की चाबियां गायब होने की जानकारी मिली तो मां गीता व अन्य वहां पहुंचे। मुख्य द्वार भीतर से बंद मिला। पोर्टिको में अनुज की स्कूटी दिखी। परिवारीजन दूसरे गेट से अंदर घुसे और ऊपर अनुज के कमरे में पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की के शीशे से झांकर देखा तो चीख-पुकार मच गई।

खुद ही गोली मारने की पुष्टि हुई

भीतर अनुज बेड के पास खून से लथपथ पड़ा था। परिवारीजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने खिड़की के शीशे तोड़कर दरवाजा खुलवाया। अनुज के शव के पास पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी हुई थी। क्षेत्राधिकारी का कहना है कि उसने दायें हाथ से सीने में दिल के पास गोली मारकर खुदकुशी की है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी अनुज के खुद ही गोली मारने की पुष्टि की।

नौकर से कहा, आज के बाद नहीं दिखूंगा
सराफ सुधीर केसरवानी के शोरूम में काम करने वाले कुशवाह ने बताया कि उनका बेटा अनुज दोपहर करीब एक बजे स्कूटी लेकर गया था। जाते वक्त उसने कुशवाह को बुलाकर कहा था, अब जा रहा हूं। आज के बाद से नहीं दिखूंगा। उसकी बातें सुनकर कुशवाह अचंभित रह गया था। कुशवाह ने सुधीर व उनके परिवारीजनों को दोपहर में हुई बातचीत के बारे में बताया तो उनके होश उड़ गए। अनहोनी की आशंका से वे अनुज को फोन मिलाने लगे, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

एक साल भी नहीं चल सकी शादी
अनुज की शादी वर्ष 2013 में बलरामपुर की पलक से हुई थी। शादी के बाद से दोनों में अनबन शुरू हो गई। पलक उसे छोड़कर मायके चली गई और तलाक के लिए अर्जी दे दी। 2015 में दोनों का तलाक हो गया। परिवारीजनों ने बताया कि तलाक के बाद से अनुज टूट गया। उसकी भूख-प्यास और नींद खत्म हो गई। धीरे-धीरे वह अवसादग्रस्त हो गया। करीब दो साल से उसका उपचार भी चल रहा था।

बेसमेंट में रहते परिवार, नहीं सुनी गोली की आवाज

क्षेत्राधिकारी ने बताया कि जिस मकान में अनुज का शव मिला, वह बंद रहता है। मकान में सुधीर केसरवानी और उनके बेटों का हिस्सा है। सभी बेटे महानगर में ही अपने अलग मकान में रहते हैं। पुश्तैनी मकान की देखरेख के लिए बेसमेंट में तीन परिवार रहते हैं। हालांकि, इनमें से किसी को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी।

एक ही रात में घर आते-जाते देखा गया अनुज
सुधीर केसरवानी के पुश्तैनी मकान के सामने स्थित घर के कर्मचारी ने बताया कि अनुज को रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे से शाम सात बजे तक कई बार आते-जाते देखा गया। मकान में रहने वाली महिलाओं ने भी बताया कि वह छह-सात बार आए और गए। दोपहर में महिलाओं ने गेहूं बगीचे में सूखने को डाल दिया था। अनुज पहुंचा तो गेहूं हटा लिया।

वह बगीचे में ही कुर्सी डालकर काफी देर बैठा रहा। उसने महिलाओं व उनके बच्चों से बातचीत भी की। इसके बाद बाहर चला गया। कुछ देर बाद लौटा और बगीचे व पोर्टिको में टहलता रहा। शाम सात बजे के बाद वह ऊपर स्थित अपने कमरे में चला गया। इसके बाद किसी ने उसे नहीं देखा।

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