बेकाबू टैंकर ने दरोगा को रौंदा, दर्दनाक मौत
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लखनऊ के चिनहट में मटियारी चौराहे के पास देवा रोड पर रविवार दोपहर बेकाबू टैंकर ने बाइक सवार दरोगा को रौंद दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि दरोगा के बड़े भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। चालक टैंकर चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और गाड़ी कब्जे में ले ली है।
देवा रोड पर ही गणेशपुर रहमानपुर निवासी दरोगा दिलीप कुमार मिश्र (45) महानगर स्थित रेडियो मुख्यालय के वायरलेस विभाग में हेड ऑपरेटर थे। रविवार को पाटानाला चौक क्षेत्र में उनकी ड्यूटी लगी थी। दोपहर लगभग दो बजे वह बाइक से ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकला। साथ में उनके बड़े भाई अयोध्या प्रसाद मिश्र थे, जिन्हें मटियारी चौराहे से फैजाबाद के लिए बस पकड़नी थी।
मटियारी चौराहे के पास पीछे से बेलगाम टैंकर ने बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। अयोध्या प्रसाद उछल कर किनारे गिर पड़े, लेकिन दिलीप बाइक समेत टैंकर के आगे गिर पड़ा। टैंकर चालक उन्हें कुचलते हुआ मटियारी चौराहे की तरफ भाग निकला, जिसे लोगों ने पीछा कर पकड़ लिया। हादसे में दरोगा दिलीप कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
घायल अयोध्या प्रसाद को पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर है। पूछताछ में ट्रक चालक ने अपना नाम लाखन सिंह बताया है। वह मथुरा के बलदेव थानाक्षेत्र का रहने वाला है। बाराबंकी से टैंकर में डामर लोड करके जानकीपुरम की तरफ जा रहा था।
चालक की लापरवाही से हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सब इंस्पेक्टर दिलीप मटियारी चौराहे की ओर अपनी लेन पर औसत रफ्तार में थे, लेकिन टैंकर की रफ्तार 70 किमी. प्रति घंटे से भी अधिक थी। टक्कर मारने के बाद चालक ने भागने की कोशिश की और लापरवाही से दरोगा को कुचल दिया। चालक के पास गाड़ी रोकने का पूरा मौका था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
फैजाबाद से कराया था ट्रांसफर
मूल रूप से बाराबंकी भिटरिया त्रिवेदी का पुरवा निवासी दिलीप ने कुछ महीने पहले ही फैजाबाद से अपना ट्रांसफर लखनऊ में करवाया था। इसी साल उसने अपने बच्चे आयुश और ईशा का दाखिला सीएमएस की महानगर शाखा में करवाया था। पत्नी अर्चना गोंडा के नवाबगंज में एक जूनियर हाई स्कूल में टीचर हैं।
जीवनभर की जमा पूंजी से दिलीप ने गणेशपुर में आलीशान मकान बनवाया था। एक मार्च को ही तीन महीने पहले ही दिलीप ने गृह प्रवेश किया था। वह अब पत्नी का ट्रांसफर लखनऊ में करवाने के लिए दौड़भाग कर रहा था।
पुलिस की वर्दी पर दिलीप को था गर्व
दिलीप कुमार मिश्र को अपनी वर्दी पर गर्व था। छोटा भाई मुकेश मिश्र भी कांस्टेबल है और मौजूदा समय डीजी, कोऑपरेटिव के दफ्तर में तैनात है। दिलीप को कई बार अच्छे काम के लिए प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार तक मिल चुके हैं।
यही वजह है कि दुर्घटना में उसकी मौत के बाद घर से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक पुलिस कर्मियों का तांता लगा रहा। दुर्घटना में घायल बड़े भाई अयोध्या प्रसाद मिश्र फैजाबाद में पूर्वी ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा में एरिया मैनेजर हैं।