सैलरी नहीं मिली तो नौंवी मंजिल से कूदकर दी जान
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कपूरथला में मंगलवार को सहारा इंडिया सेंटर की नौंवीं मंजिल से कूद कर एक डिप्टी मैनेजर प्रदीप मंडल (45) ने खुदकुशी कर ली। प्रदीप सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के डिप्टी मैनेजर (वर्कर) थे। पांच महीने से सैलरी नहीं मिलने से वह आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे।
पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार रात को ही बिना परिवारीजनों का इंतजार किए पुलिस और सहारा के लोगों ने मंडल का अंतिम संस्कार कर दिया। सीओ अलीगंज आईपीएस गरिमा सिंह के मुताबिक, कोलकाता के दुर्गापुर निवासी प्रदीप मंडल सैलरी न मिलने से काफी परेशान थे।
वह जानकीपुरम स्थित सहारा स्टेट में 4/103-105 में पत्नी शोभा और बेटी श्वेता के साथ रहते थे। मंगलवार की सुबह वह रोज की तरह दफ्तर गए थे। दोपहर करीब 12.45 बजे उन्होंने सहारा इंडिया सेंटर के नवें तल की छत से छलांग लगा दी। वह सिर के बल स्टैंड में खड़ी मोटरसाइकिल की सीट पर गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
वहां मौजूद आईसीआईसीआईसी बैंक के सिक्योरिटी गार्ड जयराम यादव ने इसकी सूचना प्रदीप के दफ्तर में दी। इसके बाद वहां हड़कंप मच गया। एसओ अलीगंज समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। घटना की सूचना प्रदीप मंडल के परिवारवालों को दी गई।
दो महीने पहले बेचनी पड़ी थी कार
सहारा के कर्मचारी व अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रदीप मंडल के साथियों ने बताया कि पिछले वर्ष नवंबर में आखिरी सैलरी मिली थी।
इसको लेकर उनकी मैनेजर से कई बार कहासुनी भी हो चुकी थी। सैलरी न मिलने से वह काफी परेशान थे और आर्थिक तंगी के दौर से भी गुजर रहे थे।
प्रदीप मंडल ने चार साल पहले जानकीपुरम के सहारा स्टेट में दो फ्लैट खरीदे थे। इसके लिए उन्होंने लाखों रुपये का लोन भी लिया था। सैलरी न मिलने से वह लोन की किस्त भी नहीं चुका पा रहे थे।
घर का खर्च चलना भी मुश्किल हो गया था। इसके चलते दो महीने पहले उन्हें अपनी इंडिगो कार बेचनी पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी श्वेता मंडल के स्कूल फीस और परिचितों का कर्ज चुकाया।
पत्नी बोली बहुत जल्दी हार मान ली मेरे पति ने
प्रदीप मंडल की मौत के बाद उनकी पत्नी व बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी शोभा मंडल प्ले स्कूल किडजी की एक शाखा में टीचर हैं। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि आर्थिक तंगी के चलते उनके पति को खुदकुशी करनी पड़ेगी।
रोते हुए वह यही कहती रहीं कि बहुत जल्दी हार मान ली मेरे पति ने। बेटी श्वेता लखनऊ पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा है। उसे प्रदीप डॉक्टर बनाने का सपना देखते थे।
प्रदीप मंडल मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले थे। लखनऊ में न तो उनका कोई रिश्तेदार है और न ही परिचित। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया लेकिन पंचनामा भरने के लिए भी पांच लोग इकट्ठा नहीं हो पा रहे थे।
इसके चलते देर शाम तक पोस्टमार्टम अटका रहा। रात में पोस्टमार्टम के बाद प्रदीप का शव परिवारीजनों को सौंप दिया गया। चीफ मैनेजर एके राज गुप्ता ने बताया कि प्रदीप मंडल के परिवारवाले बुधवार को कोलकाता से यहां आ जाएंगे। इसके बाद ही अंतिम संस्कार होगा।