बदमाश पकड़ने के साथ ही पीड़ित की मदद करेगी पुलिस
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पुलिस अब सिर्फ वारदात की रिपोर्ट दर्ज करके बदमाशों की धरपकड़ ही नहीं करेगी,बल्कि वारदात का शिकार बने व्यक्ति को संभलने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाएगी।
बेटी की शादी हो या आवास या फिर अन्य योजना से मदद के लिए पीड़ित को दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।
पुलिस उसे सही ठिकाने तक ले जाकर लाभ दिलाएगी। नागरिकों का विश्वास जीतने के लिए पुलिस का नया चेहरा जल्द सामने आने वाला है।
फिलहाल पांच साल में विभिन्न वारदातों का शिकार बने जरूरतमंदों की सूची तैयार की जा रही है। बेटी की शादी के कुछ दिनों पहले घर में चोरी या लूट होने से गरीब आदमी को कोई रास्ता नजर नहीं आता। उसे दूसरों के आगे हाथ फैलाने पड़ते हैं।
कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ता है या फिर उसकी बेटी का रिश्ता टूट जाता है। दूसरी तरफ वारदात की रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस पड़ताल शुरू करती है।
अपराधी पकड़े भी जाते हैं तो पूरा माल बरामद नहीं होता। हालात का मारा व्यक्ति न तो मुकदमे में गवाही देने में रुचि लेता है और न ही पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट।
उसे सबसे ज्यादा फिक्र इसकी होती है कि सारी जमापूंजी लुटने पर खुद को कैसे संभाले? जरूरतमंदों के लिए अनेक सरकारी योजनाओं का भी उसे लाभ नहीं मिल पाता।
एसएसपी प्रवीण कुमार ने नागरिकों का विश्वास जीतने के लिए मातहतों को पीड़ित से सहानुभूति और उसे हरसंभव मदद दिलाने के आदेश दिए हैं।
दुष्कर्म पीड़िताओं की मदद
‘पहल’ के तहत दुष्कर्म पीड़िताओं की काउंसलिंग करके उनमें आत्मविश्वास पैदा करने का काम कर रही टीम को जरूरतमंद पीड़िताओं को आत्मनिर्भर बनाने में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के आदेश दिए गए हैं। पीड़िताओं को सिलाई-कढ़ाई या अन्य रोजगार दिलाने में पुलिस टीम उनकी मदद करेगी।
दुर्घटना का मुआवजा
हादसे का शिकार बने व्यक्ति के परिवार को बीमे की रकम का भुगतान या मुआवजा दिलाने में पुलिस खुद पैरवी करेगी।
इस बीच पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करके उससे नजदीकी बनाए रखेगी। परिवार की दशा अत्यंत दयनीय नजर आने पर एनजीओ या गैरसरकारी संगठनों से भी संपर्क करके उसकी मदद का प्रयास किया जाएगा।