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शाइन सिटी के सीएमडी व उसके भाई पर लखनऊ पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का घोषित किया इनाम

Sun, 04 Apr 2021 09:43 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 04 Apr 2021 09:43 PM IST
सार

- प्लॉट और जमीन देने के नाम पर हजारों लोगों से की करोड़ों रुपये की ठगी
- 4000 से ज्यादा मुकदमे प्रदेशभर में हैं दर्ज
- 238 केस अकेले गोमतीनगर थाने में हैं दर्ज

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Police declared prize on Rashid Naseem and Asif Naseem.

विस्तार

शाइन सिटी इंफ्रा लि. के सीएमडी राशिद नसीम और उसके भाई एमडी आसिफ नसीम के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इन दोनों भाइयों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में ही 238 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं पुलिस के मुताबिक, पूरे प्रदेश में 4000 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों भाइयों ने हजारों लोगों को घर व प्लॉट देने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये ठगे हैं। पुलिस इन दोनों को काफी दिनों से तलाश रही है लेकिन वे फरार चल रहे हैं। जेसीपी अपराध नीलाब्जा चौधरी ने इन दोनों भाइयाें पर इनाम घोषित किया है। वहीं इन दोनों पर वाराणसी की पुलिस ने भी पिछले माह 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन ने बताया कि मूलरूप से प्रयागराज करेली के जीटीबी नगर का रहने वाला राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम ने शाइन सिटी इंफ्रा के नाम से कंपनी खोली थी। दोनों ने लखनऊ में हजरतगंज के डालीबाग स्थित ग्रांड न्यू अपार्टमेंट में पेंट हाउस में ठिकाना बनाया था। इसके बाद दोनों ने अपना नेटवर्क पूरे प्रदेश और फिर देशभर में फैलाया। कमीशन का लालच देकर छोटे-छोटे जिलों में एजेंट तैयार किए। उनके जरिए लोगों को निवेश में मुनाफा, प्लॉट व आवास देने के नाम पर रुपये ऐंठे। आरोपियों ने गोमतीनगर के एसआरएस मॉल के सामने आर स्क्वॉयर में अपना कार्यालय खोला। वहीं से ठगी का धंधा शुरू कर दिया। आरोपियों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में 238 केस जालसाजी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धमकी देने व लोगों के साथ बदसुलूकी करने के मुकदमे दर्ज हैं।
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विरामखंड-4 निवासी मृदुल गुप्ता की तहरीर पर 14 जून 2019 को ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें राशिद नसीम व आसिफ नसीम सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। मृदुल ने आरोप लगाया कि दोनों ने उसे आरएसएलपी योजना के तहत रकम निवेश करने पर मुनाफा देने का वादा किया। झांसे में आकर उन्होंने 5 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद से आरोपियाें ने रकम हड़प ली। विवेचना में आरोप सही पाए गए। इसी मामले में पुलिस ने दोनों भाइयों पर इनाम के लिए संस्तुति की। इसकेबाद संयुक्त पुलिस आयुक्त नीलाब्जा चौधरी ने दोनों भाइयों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
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मोटे मुनाफे का दिया लालच

एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, राशिद व आसिफ काफी शातिर ठग हैं। दोनों ने लोगों को कम दाम में लखनऊ में जमीन देने और उनकी कंपनी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया। इसी झांसे में हजारों लोगों ने निवेश कर दिया। राशिद व आसिफ ने पूरे प्रदेश में अपना नेटवर्क फैला रखा था। उसके एजेंटों के निशाने पर मध्यम वर्ग के लोग रहते थे जो लखनऊ में अपने मकान का सपना देखते हैं। ऐसे लोगों को मोहनलालगंज, सुल्तानपुर रोड, सीतापुर रोड, अयोध्या हाइवे के आसपास आवासीय योजनाओं में कम दाम में जमीन देने का वादा करते थे। ऐसे लोगों को जमीन दिखाने के लिए पूरी टीम लगी रहती थी। जमीन दिखाने के बाद उसे गोमतीनगर स्थित शाइन सिटी के कार्यालय में लाया जाता था जहां बुकिंग कराकर रकम ऐंठी जाती थी।

राजधानी के कई थानों में दर्ज हैं केस
पुलिस के मुताबिक, राशिद व आसिफ नसीम के खिलाफ राजधानी के गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, विभूतिखंड, हजरतगंज, पीजीआई, बीकेटी, गोर्साइंगंज, मोहनलालगंज, मड़ियांव व चिनहट में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज, दिल्ली व अन्य कई स्थानाें पर भी मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियाें के खिलाफ पूरे प्रदेश में 4000 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। कई मामलों में पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।

तीन साल पहले ही समेट लिया कारोबार
पुलिस के मुताबिक, राशिद नसीम ने गोमतीनगर के एसआरएस माल के सामने अपना कार्यालय खोला था। जब फर्जीवाड़े के मुकदमे दर्ज होने लगे तो पीड़ितों ने कार्यालय पर घेराव करना शुरू किया। ऐसे में धीरे-धीरे दोनों भाइयों ने कार्यालय पर आना बंद कर दिया। धीरे-धीरे कर्मचारी भी जालसाजी में फंसने लगे तो नौकरियां छोड़नी शुरू कर दीं। तीन साल पहले राशिद नसीम के कंपनी शाइन सिटी के कार्यालय पर ताला बंद हो गया। इस कार्यालय पर कई बार पीड़ितों ने धरना दिया। तोड़फोड़ भी की।

दुबई में शुरू कर दिया है कारोबार

लगातार मुकदमे दर्ज होने लगे तो राशिद व आसिफ ने करीब तीन साल पहले दुबई में अपना कारोबार शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वहां के नामचीन भवन में उसने एक शोरूम खोल रखा है जो हीरे के जेवरात का है। इसके अलावा कई और धंधे भी वहां शुरू कर दिए हैं। पिछले तीन साल से वह लखनऊ नहीं आया है।

ईडी ने दर्ज किया मुकदमा
शाइन सिटी इंफ्रा कंपनी के खिलाफ पीड़ितों ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर अभियान शुरू किया। लगातार इस कंपनी की शिकायतें मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के कई जिम्मेदार अधिकारियों से की गईं। इस मामले में ईडी ने ठोस कदम उठाया और पिछले महीने शाइन सिटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद मामले की जांच में कमिश्नरेट पुलिस के साथ ईडी ने भी राशिद व आसिफ नसीम के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

पुलिस की लापरवाही से भागा दुबई
गोमतीनगर थाने में तैनात कुछ पुलिसकर्मी शाइन सिटी के सीएमडी राशिद नसीम और आसिफ नसीम के काफी मददगार रहे हैं। पीड़ितों के शिकायत लेकर आने के बाद ही उसे सूचना तक दे दी जाती थी। इसके बाद कई मामलों में उसके कर्मचारियों से बातचीत कराकर रुपये वापस देने के लिए भी आश्वासन दिया जाता था, ताकि मुकदमा दर्ज न हो। इसके लिए पुलिसकर्मियों की अच्छी खासी खुशामद भी की जाती थी। कुछ पुलिसकर्मियों पर जब आरोप लगे तो उनकी जांच की गई जिसमें वे दोषी पाए गए। इसके बाद उन्हें हटाया भी गया। पुलिस के ही सहयोग से राशिद नसीम व आसिफ विदेश भागने में सफल हुए। अगर पुलिस इतने अधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर देती तो वे फरार न हो पाते।
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