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सूझबूझ से वापस मिली ऑनलाइन ठगी गई रकम

Fri, 14 Feb 2014 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 14 Feb 2014 09:41 AM IST
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online racketeering failed

ऑनलाइन ठगी के शिकार राजधानी के चार नागरिकों की गाढ़ी कमाई का पैसा उनकी सजगता से बच गया।

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ठगी के शिकार लोगों ने तत्काल साइबर सेल में शिकायत की। इसके बाद उनके एकाउंट से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ब्लॉक कर रुपये वापस कर दिए गए। हालांकि, पुलिस अब भी ठगी के आरोपियों की तलाश कर रही है।

सीओ हजरतगंज दिनेश यादव ने बताया कि राणा प्रताप मार्ग के गार्डन व्यू अपार्टमेंट निवासी व जनपथ के मोडेज चिकन शोरूम के मालिक अरुण कुमार आहूजा के पास 22 जनवरी को किसी ठग ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताते हुए फोन किया।
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उसने अरुण के क्रेडिट कार्ड से 7,000 रुपये निकालने के बारे में जानकारी ली। जब अरुण ने मना किया तो ठग ने बातों में उलझाकर उनके बैंक एकाउंट की डिटेल ले ली।
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उसने कार्ड के दुरुपयोग की आशंका जताई तो अरुण आहूजा घबरा गए। इसके बाद ठग ने कार्ड ब्लॉक करने की बात कहते हुए मोबाइल पर एसएमएस के जरिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आने की बात कही।

ठग ने कहा कि पांच मिनट बाद दोबारा फोन करूंगा तब ओटीपी बता देना। इसके बाद कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। उन्होंने वैसा ही किया।

कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर एक एसएमएस आया जिसमें महा वितरण महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 60,453 रुपये का बिल पेमेंट करने की जानकारी दी गई।

एसएमएस देखते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर फोन करने के साथ ही साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

इस पर साइबर सेल ने महा वितरण महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से संपर्क किया।

सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र मालवीय ने कंपनी को गलत तरीके से किए गए ट्रांजेक्शन की सूचना देने के साथ ही अरुण आहूजा का पेमेंट स्वीकार न किए जाने का अनुरोध किया।

मालवीय ने बताया कि कंपनी की तरफ से अरुण आहूजा का पैसा उनके अकाउंट में वापस भेज दिया गया।

इसी तरह गोमतीनगर के विपुलखंड के 3/67 निवासी रिटायर्ड कर्नल बीपी कुकरेती के कार्ड की जानकारी लेकर ठगों ने 1,03,666 रुपये, विभूतिखंड में ही विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सामने रहने वाले विष्णु दत्त शर्मा के एकाउंट से 99,790 रुपये और आरके श्रीवास्तव के एकाउंट से 41,529 रुपये निकाल लिए गए।

तीनों की ही रकम महा वितरण महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के एकाउंट में ट्रांसफर की गई थी। इन सब की रकम भी साइबर सेल ने वापस करा दी थी।

बैंक अफसर बोले, रुपया आपकी लापरवाही से गया
ठगों के शिकार पीड़ितों द्वारा बैंक में शिकायत करने पर उन्हें टका सा जवाब देकर चलता कर दिया गया। पीड़ितों से पूरी घटना की जानकारी लेने के बाद बैंक अफसरों ने कहा कि रुपया तो आपकी लापरवाही से ही गया है।

आपने ही ठगों को बैंक एकाउंट की डिटेल और ओटीपी की जानकारी दी। अफसरों ने कहा कि दूसरा ट्रांजेक्शन न हो, इसके लिए क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने के सिवाय बैंक कुछ नहीं कर सकती।

सीओ हजरतगंज दिनेश यादव ने बताया कि विष्णु दत्त शर्मा के एकाउंट से पैसा निकला तो वह तत्काल आईसीआईसीआई बैंक की विभूतिखंड शाखा पहुंचे।

हालांकि रुपया वापस दिलाने के बारे में कहने पर बैंक मैनेजर ने हाथ खड़े कर दिए। विष्णु दत्त शर्मा से कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करने को कहा गया लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिल सकी।


कठघरे में इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कर्मचारी
ठगों ने चारों व्यक्तियों का पैसा एक ही कंपनी महा वितरण महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एकाउंट में ट्रांसफर किया है।

पुलिस के मुताबिक कंपनी भी इस फ्रॉड में शामिल होगी। आईटी एक्सपर्ट सुमित सिंह के मुताबिक इस तरह की ठगी करने वाले गैंग किसी ने किसी कंपनी से कमीशन सेट कर लेते हैं।

कंपनी के एकाउंट में रकम ट्रांसफर करने पर एक हिस्सा कंपनी को जाता है जबकि दूसरा हिस्सा ठग ले लेते हैं।

यह अनुपात अक्सर 60-40 का होता है। पुलिस के मुताबिक इस कंपनी को महाराष्ट्र सरकार ने बिजली के बिल की वसूली का जिम्मा सौंपा है।

बिल वसूलने के साथ ही कंपनी के कुछ लोग ठगी में भी शामिल हो सकते हैं। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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