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लुटेरे भतीजे ने बुआ को मारने की ऐसी रची साजिश
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 10 Jun 2014 08:04 AM IST
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दोस्त के साथ बुआ के घर पहुंचे भतीजे ने रस्सी से गला घोंटना चाहा। विरोध करने पर इतना पीटा कि बुजुर्ग महिला बेहोश होकर गिर पड़ी।
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जेवर-नगदी लूटने के बाद सबूत नष्ट करने के लिए बेहोश पड़ी बुआ के पास रसोई गैस का सिलेंडर नोजल खोलकर डाल दिया और कुछ ही दूर पर मोमबत्ती जलाकर भाग निकले।
गनीमत रही कि धमाका होने से पहले बहू घर पहुंच गई। कैंट पुलिस ने रविवार रात आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया।
सनसनीखेज वारदात निलमथा की शहनूर कॉलोनी में शुक्रवार सुबह हुई थी। दिवंगत कैप्टन एसएन पांडे की पत्नी प्रेमा देवी अपने बेटे शशिकांत और पत्नी सिम्मी के साथ रहती हैं।
बरगदाही की पूजा के लिए सिम्मी मायके गई हुई थीं। फोर्ड कंपनी के शोरूम में काम करने वाला शशिकांत ऑफिस चला गया।
घर पर प्रेमा अकेली थीं। बताते हैं कि इलाहाबाद के अशोकनगर नेवादा निवासी उनके भाई राजेंद्र कुमार द्विवेदी का बेटा विजय दोस्त विशाल के साथ बुआ के घर पहुंचा।
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भतीजे को बैठाकर प्रेमा देवी शरबत बनाने किचन में चली गईं। इसी बीच पीछे से आए भतीजे ने उनके गले में नायलॉन की रस्सी कस दी।
प्रेमा देवी ने हाथ-पैर मारकर किसी तरह खुद को छुड़ाकर चीखने की कोशिश की। इस पर दोनों ने उनका मुंह दबोचा और बेसुध होने तक पीटते रहे।
इसके बाद विजय और विशाल ने मिलकर लूटपाट की। बताते हैं कि आलमारी में रखे 54,500 रुपये,जेवर और कई अन्य कीमती सामान समेट लिया।
शशिकांत का कहना है कि भागने से पहले प्रेमा देवी को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से दोनों ने रसोई गैस के सिलेंडर मां के पास रखकर उसकी नोजल खोल दी।
कुछ दूर पर मेज के ऊपर एक मोमबत्ती जलाकर रख दी। बदमाशों का इरादा था कि गैस लीक होकर मोमबत्ती तक पहुंचेगी और धमाका होगा।
बदमाशों के भागने के कुछ ही देर बाद सिम्मी मायके से लौट आई। घर का दरवाजा बाहर से बंद देख उसे आश्चर्य हुआ।
भीतर घुसते ही कमरे की हालत देख सन्न रह गई। तुरंत मोमबत्ती बुझाने के साथ ही शशिकांत को फोन किया। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से प्रेमा को कमांड अस्पताल पहुंचाया था।
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