मोबाइल फुटेज से मिले बदमाशों के सुराग!
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बाबूगंज में मर्डर और लूट के बाद जहां दुकानदार बाइक सवार बदमाशों के आईटी की ओर भागने की बात कह रहे थे, वहीं एटीएम के सामने तीन मंजिला मकान में रहने वाले एक कोचिंग के कुछ संचालक सदस्यों की आंखों देखी ने पूरी पड़ताल की दिशा बदल दी।
इन युवकों ने वारदात के बाद वहां से भागते बदमाशों की कई तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में कैद कर ली और उसे आईजी को दिखाई।
पुलिस अधिकारियों को उन्होंने पड़ताल में बताया कि लुटेरे वहां से निकलते ही 100 मीटर बाद मनकामेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते की ओर मुड़ गए। इस दौरान उन पर एक दुकानदार ने उन्हें गुम्मा मार कर गिराने की कोशिश भी की।
राहगीरों ने नहीं दिखाई हिम्मत
छतों पर खड़े इन युवकों को शोर मचाकर राहगीरों और दुकानदारों से बदमाशों को पकड़ने को कहा। युवक कार व बाइक सवारों को चिल्ला कर बताते रहे कि ये लूट कर भाग रहे हैं, गोलियां मार कर भाग रहे हैं, इन्हें गाड़ी से टक्कर मार कर गिरा दो, लेकिन दुकानदारों के अलावा राहगीरों ने हिम्मत नहीं दिखाई। बाद में इन युवकों ने ही करीब 12:39 बजे पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी।
दुकानदार ने की रोकने की कोशिश
लूट और मर्डर के दौरान सड़क के दोनों ओर का ट्रैफिक थम गया। भाग रहे बदमाशों को रोकने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इसी वक्त एटीएम के 20 कदम आगे बाटा शोरूम के एक स्टाफ ने जीने के पास खड़े-खड़े ही बाइक सवारों पर दो गुम्मे चलाए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक गुम्मा बाइक से लगा। इससे बाइक लड़खड़ाई, जबकि दूसरा गुम्मा एक बदमाश की पीठ पर लगा, उसने गालियां देते हुए स्टाफ को घूर कर देखा भी।
रूट मैप तैयार कर की तहकीकात
शाम करीब 6 बजे के बाद फुटेज और एक प्रत्यक्षदर्शी के मोबाइल फुटेज से जब क्राइम ब्रांच, पुलिस को बदमाशों के भागने के रूट की जानकारी मिली तो टीमों ने लुटेरों की तलाश के लिए उनके भागने का रूट मैप बनाया।
रूट मैप के एटीएम से बाटा शोरूम, उसके बाद एक साड़ी शोरूम तक टीमों ने तहकीकात के बाद वहां से मनकामेश्वर मंदिर की ओर का रुख किया।
वहां से आगे तिराहे तक पहुंचने पर तीनों टीमों ने आगे के रूट पर पड़ताल की। टीमों की पड़ताल का पहला बिंदु रास्ते में कहीं पर दिखने वाले सीसीटीवी हाउस की पड़ताल के अलावा बक्सा लेकर भागे युवकों के बारे में पूछताछ करना रहा। एक टीम में क्राइम ब्रांच के साथ सीओ विशाल पांडे भी शामिल रहे।