फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   man commits suicide in poverty.

शादी के लिए नहीं जुटी रकम तो दी जान

Sun, 09 Nov 2014 01:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Sun, 09 Nov 2014 01:36 PM IST
विज्ञापन
man commits suicide in poverty.

बेटी के हाथ पीले करने की जद्दोजहद में परेशान एक पिता जब उसके विवाह के लिए जरूरी रकम का इंतजाम कर पाने में विफल हो गया तो उसने हारकर मौत को गले लगा लिया।

विज्ञापन


काकोरी क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बाग में उसका शव पेड़ से लटका मिला। नवरात्र में बेटी की सगाई के बाद से दिसंबर में होने वाले विवाह के लिए पैसों के इंतजाम में जुटे श्रीराम को हर तरफ से निराशा ही हाथ लग रही थी।
विज्ञापन


पैसों के इंतजाम में तीन दिन बाद शुक्रवार को घर लौटे श्रीराम ने अपनी बेटी से रोते हुए इस बात के लिए माफी भी मांगी कि वह विवाह के लिए पैसों का इंतजाम नहीं कर सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद घर से निकला तो फिर लौटकर नहीं आया, केवल उसकी मौत की खबर परिवारीजनों तक पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

काकोरी के मौरा गांव का निवासी श्रीराम (50) मजदूरी करता था। उसने अपनी बेटी शोभा की शादी तय कर दी थी। पिछले नवरात्र में उसकी सगाई भी हो गई थी और दिसंबर में होने वाली उसकी शादी की तैयारी चल रही थीं।

शादी के लिए रकम की व्यवस्था के लिए कई दिनों से वह इधर-उधर दौड़ लगा रहा था। परिचितों व रिश्तेदारों के पास गया लेकिन कहीं से कोई मदद न मिलने पर वह हताश हो गया था।

नहीं था कमाई का कोई जरिया

man commits suicide in poverty.

बेटे अरविंद ने बताया कि उसके पिता तीन दिन पहले बिना बताए घर से गए थे। तीन दिन बाद शुक्रवार शाम घर लौटे श्रीराम ने अपनी बेटी शोभा को बुलाया और उसके सामने ही रोते हुए बोला कि बिटिया मुझे माफ करना।

अभी तक शादी के लिए रकम का इंतजाम नहीं हो पाया है। यह सुनकर बेटी की आंखें भी भर आईं लेकिन उसने अपने बेबस हो चुके पिता को ढांढस बंधाया और हौसला बढ़ाते हुए परेशान न होने की बात भी कही लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था।

बेटे अरविंद ने बताया कि शुक्रवार शाम घर लौटे पिता अपना कमरा ठीक करने के बाद दोबारा घर से बाहर निकल गए और वे पूरी रात घर वापस नहीं आए।

शनिवार सुबह किसान हब्बे की बाग में उनका शव पेड़ से लटकता मिला। गांव के आनंद ने शव देख इसकी जानकारी घरवालों को दी। घरवाले बाग में पहुंचे और रोने पीटने लगे।

अरविंद ने बताया कि उसने पिता ने 15 साल पहले अपना बाग बेचा था। पुश्तैनी जमीन के साथ ही बाग भी बिक जाने से इस समय परिवार के पास कमाई का और कोई जरिया नहीं था। इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह ने बताया कि अधेड़ ने आर्थिक तंगी के चलते जान दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed