लखनऊ: अलीगंज में सर्राफा कारोबारी के कर्मचारी को गोली मारकर 40 लाख के जेवरात और नकदी लूट ले गए बदमाश
लखनऊ के अलीगंज इलाके में सर्राफा कारोबारी की दुकान में कर्मचारी को गोली मारकर बदमाश लाखों के जेवरात और नकदी लूट ले गए।
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विस्तार
अलीगंज सेक्टर-बी स्थित तिरूपति ज्वेलर्स में बुधवार भरी दोपहरी में बाइक सवार बदमाश घुस गये। बदमाशों ने लूटपाट शुरू की। वारदात के वक्त दुकान में निखिल अग्रवाल, कर्मचारी श्रवण और दो महिला कर्मचारी मौजूद थे। बदमाशों ने जब धावा बोला तो कारोबारी निखिल अग्रवाल व कर्मचारी श्रवण ने विरोध किया। श्रवण बदमाशों से भिड़ गया। इस पर बदमाशों ने श्रवण को गोली मार दी। लहूलुहान होकर श्रवण फर्श पर गिर गया। इसके बाद बदमाश फायरिंग करते हुए निकल गये। दिन दहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। निखिल ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर अलीगंज इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह यादव, एसीपी अली अब्बास और एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह मौके पर पहुंचीं। घायल श्रवण को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस दुकान और आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
अलीगंज सेक्टर-सी निवासी निखिल अग्रवाल की सेक्टर-बी में तिरुपति ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। बुधवार सुबह निखिल और मड़ियांव फैजुल्लागंज निवासी श्रवण कुमार भी दुकान पर मौजूद था। दोपहर एक बजे करीब दुकान के सामने बाइक सवार युवक आकर रुके। तीन लोग सीढ़िया चढ़ कर दुकान में पहुंचे। इस पर निखिल और श्रवण को लगा की ग्राहक खरीदारी करने आए हैं। सर्राफ के मुताबिक युवकों ने अचानक से असलहे निकाल कर उन पर तान दिए। बदमाशों को दुकान में देख सर्राफ और उसका नौकर हड़बड़ा गए। इस बीच एक बदमाश में चेन का डिब्बा उठा लिया। वह लोग और जेवर लूटते। इससे पहले ही श्रवण और निखिल एक बदमाश पर झपट पड़े। उन्होंने एक बदमाश को दबोच लिया। विरोध होते देख दो बदमाश बाहर भाग निकले। निखिल और श्रवण बदमाश से भिड़ गये। हाथापाई के दौरान दुकान में लगा शीशे का दरवाजा भी टूट गया। वहीं, साथी को बचाने के लिए एक बदमाश वापस दुकान की सीढ़ियों पर आ पहुंचा। उसने श्रवण कुमार को गोली मार दी। पेट में गोली लगने से श्रवण वहीं फर्श पर खून से लथपथ होकर गिर गया। श्रवण को गोली लगते ही निखिल भी खुद को बचाने के लिए पीछे हट गये।
फायरिंग कर भागे बदमाश
निखिल के मुताबिक श्रवण को गोली मारने के बाद बदमाश वहां भाग निकले। वह दुकान के बाहर जाते हुए कई राउंड फायरिंग की। कारोबारी के मुताबिक तीन बदमाश दुकान में लूट के लिए घुसे थे। एक बदमाश दुकान के बाहर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गये। भीड़ को जुटता देख बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। निखिल के मुताबिक बदमाश चेन का एक डिब्बा ले गए हैं। जिसका वजन 800 ग्राम के करीब है। इसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये है। इसके साथ ही कैश बॉक्स से रुपये भी लूट लिये थे।
रेकी कर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया है। उससे साफ है उन्होंने दुकान की कई दिनों तक रेकी की थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया। वहीं कारोबारी निखिल के मुताबिक बदमाशों ने मास्क पहन रखा था। बदमाशों में एक मंगलवार को दुकान में आया था। सोने की चेन व अन्य जेवरात देखे थे। इसके बाद वह बिना कुछ खरीदे ही चला गया। निखिल के मुताबिक कई ग्राहक अक्सर जेवर खरीदे बिना ही वापस हो जाते हैं। इस कारण युवक के खरीदारी न करने पर संदेह नहीं हुआ था। लेकिन बुधवार को जब दुकान में घुसे बदमाशों में मंगलवार को आया ग्राहक भी शामिल नजर आया।
चार साल पहले भी हुई थी दुकान में लूट, खुलासा नहीं
तिरुपति ज्वैलर्स में चार साल में यह दूसरी बार लूट की वारदात हुई है। निखिल के अनुसार जनवरी 2017 में भी बदमाशों ने दुकान में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। उस दिन निखिल के साथ दुकान में नौकर श्रवण मौजूद था। बदमाशों ने पांच मिनट में ही करीब 900 ग्राम के जेवर लूट लिए थे। चार साल पहले हुई वारदात के समय पुलिस को दुकान के साथ ही आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मिली थी। जिसके आधार पर लुटेरों को जल्द गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया था। लेकिन बदमाशों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी थी। बुधवार को तिरुपति ज्वैलर्स में दोबार लूट की वारदात होने के बाद एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने एक बार फिर से सीसीटीवी फुटेज से कुछ अहम सुराग मिलने का दावा करते हुए जल्द बदमाशों को गिरफ्तार करने की बात कही है।
अपराधी गिरफ्तार नहीं होने पर करेंगे प्रदर्शन
सरेराह तिरुपति ज्वैलर्स की दुकान में नौकरी को गोली मार कर जेवर लूटे जाने की वारदात से सर्राफा व्यापारियों में खासा रोष है। सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल के अनुसार तिरुपति ज्वैलर्स में पहले हुई लूट की घटना में बदमाशों को अभी तक नहीं तलाशा जा सका है। ऐसे में दोबारा वारदात पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ी करती है। महामंत्री ने बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किए जाने की मांग भी की है। वहींए आदर्श व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गुप्ता ने तिरुपति ज्वैलर्स पर हुए वारदात पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात 72 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने की बात कही है।
दुकान में दो बदमाश घुसे थे। एक दिन पहले भी एक बदमाश आया था। पुलिस फुटेज के आधार बदमाशों की शिनाख्त करने में जुट गई। बदमाशों को दबोचने के लिए डीसीपी उत्तरी के नेतृत्व में टीमें काम कर रही है। चार साल पहले हुए वारदात के बारे में भी जानकारी पुलिस टीम जुटा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
डीके ठाकुर, पुलिस कमिश्नर लखनऊ
गोली चली तो चौराहे से खिसक गई पुलिस
अलीगंज में दिन दहाड़े तिरूपति ज्वैलर्स में हुई लूट ने पुलिस की गश्त व उसके जवानों के हिम्मत की भी पोल खोल दी। वारदात के दौरान बदमाशों ने दुकान के अंदर फायरिंग किया। आसपास के लोगों के मुताबिक चंद कदम दूर पास के चौराहे पर बाइक सवार पुलिस गश्त पर थी। फायरिंग की आवाज सुनकर दोनों पुलिसकर्मी वहां से खिसक गये। वहीं कुछ दूरी पर हर वक्त तैनात रहने वाली पीआरवी भी नदारद थी। जबकि बदमाश फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम देने के बाद असलहे लहराते हुए बाहर निकलकर पास की गली में घुस गये।
तिरूपति ज्वैसर्ल से बुधवार को बदमाशों ने करीब 40 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाके में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर में वारदात के समय बाइक से दो पुलिसकर्मी गश्त दे रहे थे। वह वारदात स्थल से कुछ दूरी पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से कपूरथला की तरफ जा रहे थे। दोनों बाइक से तिरूपति ज्वैलर्स के सामने भी निकले। उनके दुकान से कुछ दूर आगे जाने के बाद ही फायरिंग हुई। लेकिन पुलिसकर्मी उनको पकड़ने का प्रयास तो दूर वहां रूके भी नहीं। वहां चुपचाप निकल गये।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश जेवर से भरा पीले रंग का बैग और हथियार हाथ मे लेकर आराम से टहलते हुए पैदल ही सामने वाली गली से निकल गये। इसी गली में उनकी बाइक भी खड़ी होने की पुष्टि हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक सभी बदमाशों का चेहरा खुला हुआ था। पुलिस के मुताबिक वारदात किसी स्थानीय गिरोह की मदद से गैर जनपद के गिरोह ने वारदात को अंजाम देने की आशंका है। कपूरथला चौराहे के पास वर्मा बिस्कुट के सामने हर वक्त पीआरवी तैनात रहती है। लेकिन बुधवार को जब वारदात हुई उस समय पीआरवी अपने स्थान पर नहीं थी।
दो थाने, दो बड़ी वारदात, एक ही निरीक्षक
अलीगंज में तैनात धर्मेंद्र सिंह यादव मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं। राजधानी में उनकी तैनाती अलीगंज से पहले अमीनाबाद थाने में थी। उनके साथ दुखद संयोग यह रहा कि दोनों तैनाती के दौरान दो बड़ी वारदात हुई। वह भी दोनों सर्राफा कारोबारी से। अमीनाबाद में धर्मेद्र यादव की तैनाती के दौरान इसी साल 26 फरवरी को नामी सर्राफा कारोबारी जुगुल किशोर के दुकान पर डकैती पड़ी। बदमाशों ने 23 घंटे तक अमीनाबाद थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित दुकान में वारदात को अंजाम देते रहे। ज्वेलर्स ने एक करोड़ की डकैती का मुकदमा दर्ज कराया। जब एक मार्च को इसका खुलासा हुआ तो सात करोड़ रुपये के जेवरात व नकदी बरामद हुए। पहले तो पुलिस को भरोसा ही नहीं हुआ था। इतनी बड़ी वारदात हो गई। इसके बाद कुछ दिन बाद धर्मेंद्र यादव को क्राइम ब्रांच भेज दिया गया। हाल ही एक साथ कई इंस्पेक्टरों के गैर जनपद तबादले होने के बाद क्राइम ब्रांच से अलीगंज थाने की जिम्मेदारी मिली। अभी एक महीना भी नहीं पूरा हुआ कि तिरूपति ज्वैलर्स में दिन 40 लाख के जेवरात की दहाड़े लूट हो गई।