चारों तरफ मौजूद पुलिस घेरे के बावजूद बदमाश फरार!
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तिहरी हत्या और 51 लाख की लूट की वारदात में पुलिस हर मोर्चे पर फेल साबित हुई। वारदात ने राजधानी पुलिस की सक्रियता और रिस्पांस टाइम को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है।
बाबूगंज में जिस घने बसे और व्यस्त इलाके में वारदात हुई, वह चारों तरफ से पुलिस से घिरा रहता है। इसके बाद भी बदमाश सिर्फ इसलिए भागने में कामयाब हो गए क्योंकि पुलिस सक्रिय नहीं थी। माडर्न कंट्रोल रूम में सूचना के करीब 15 मिनट बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।
आईटी चौराहा और डालीगंज के पक्का पुल वाली सड़क के लगभग बीच में एचडीएफसी बैंक का एटीएम बूथ स्थित है। माडर्न कंट्रोल रूम की एक वैन आईटी चौराहा और एक वैन डालीगंज पक्का पुल पर रहती है। यानि दोनों तरफ से कोई भी आने-जाने वाला वैन में लगे कैमरों से होकर गुजरता है।
पुलिस के दावों को लेकर भी करा दी किरकिरी
एटीएम बूथ से बमुश्किल 100 मीटर दूर मस्जिद के सामने ही पुलिस की पिकेट लगती है। बूथ के ठीक पीछे हसनगंज थाना है। सबसे बड़ी बात जिस जगह एचडीएफसी बैंक का एटीएम बूथ है, वह बॉटलनेक (आईटी चौराहा से डालीगंज पक्का पुल वाली सड़क का सबसे संकरा हिस्सा) है।
यहां वाहन चंद सेकेंड भी रुक जाए तो जाम लगने लगता है। यही वजह है कि यहां अक्सर वाहनों की गति थमी रहती है। ऐसी जगह पर जघन्य वारदात ने कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाकाई लोगों का कहना है कि इस इलाके में क्या पहले कभी किसी भी जगह पर ऐसी दुस्साहसिक वारदात न देखी न सुनी।
वारदात ने पुलिस के रिस्पांस टाइम को लेकर भी किरकिरी कर दी है। इलाकाई लोगों का कहना है कि अगर पुलिस सक्रिय होती तो सूचना मिलते ही बदमाशों की घेराबंदी की जा सकती थी।
छात्र ने मोबाइल से फोटो खींच कर दी सूचना
एटीएम बूथ के ठीक सामने स्थित हाशिम हाउस की छत पर पढ़ाई कर रहे छात्र देवेंद्र ने अपने मोबाइल फोन से वारदात की फोटो खींचीं। उसने ही माडर्न कंट्रोल रूम को फोन कर वारदात की सूचना दी।
हालांकि, सूचना मिलने के 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस देवेंद्र से घटनाक्रम की जानकारी और बदमाशों के हुलिए के बारे में जानकारी ले रही है।
ध्वस्त हो गई ट्रैफिक व्यवस्था
वारदात से आईटी चौराहा से डालीगंज पक्के पुल वाली सड़क पर यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। आईटी चौराहा की तरफ से आने वाले वाहनों को बाबूगंज से पहले बायीं तरफ यूनिवर्सिटी वाली सड़क पर मोड़ दिया गया।
उधर पक्का पुल पर बैरियर और रस्सी लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया। पुल से आईटी चौराहा की तरफ जाने वाले वाहनों को नदवा और आर्ट्स कॉलेज होते हुए हनुमान सेतु की तरफ भेजा गया।