खुद हुआ किडनैप, पिता से मांगे एक करोड़
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लखनऊ के आशियाना क्षेत्र के एक व्यवसायी के बिगड़ैल बेटे ने गर्लफ्रैंड व दोस्तों की मदद से अपने ही अपहरण की साजिश रची और अंडरग्राउंड हो गया।
दोस्त से पिता को फोन करा एक करोड़ की फिरौती मांगी। रकम न देने पर बेटे के शरीर के टुकड़े भेजने की धमकी देने के साथ पुलिस को तीन दिन तक छकाता रहा।
इलेक्ट्रानिक सर्विलांस व अन्य तरीकों से घेराबंदी कर पुलिस ने शुक्रवार देर रात खुद के अपहरण के मास्टर माइंड को उसकी गर्लफ्रैंड व चार दोस्तों के साथ धर दबोचा।
एसएसपी यशस्वी यादव ने बताया कि रुचि खंड के सेक्टर-1 निवासी प्रॉपर्टी डीलर व लकड़ी व्यवसायी आलम सिद्दीकी ने बुधवार देरशाम बेटे शान वारिस के अपहरण की सूचना दी थी।
पुलिस ने भी की एक्टिंग
बताया कि अपहरणकर्ताओं ने फोन कर एक करोड़ रुपये फिरौती मांगी है और रकम न देने पर शान के शरीर के टुकड़े भेजने की धमकी दी है।
इस पर सर्विलांस की मदद से बदमाशों को पकड़ने की योजना बनाई गई। साथ ही एक पुलिसकर्मी को ड्राइवर बना आलम सिद्दीकी के साथ लगा दिया गया।
आलम को अपहरणकर्ता से फिरौती की रकम को लेकर सौदेबाजी के बहाने लंबी बातचीत करने को कहा गया।
उधर, अपहरण के 24 घंटे बाद बृहस्पतिवार शाम फिर कॉल आई। इस बार 60 लाख में बात तय होने के बाद अपहरणकर्ता का मोबाइल बंद हो गया।
इस बीच पुलिस ने फिरौती के लिए कॉल करने वाले और शान के नंबर के लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही कई नंबर सर्विलांस पर लिए।
45 लाख में तय हुआ सौदा
इस बीच शुक्रवार को फिर फोन आने पर आलम ने 45 लाख रुपये का इंतजाम होने की बात कही। लंबी बातचीत के बाद फिरौती की रकम लेने के लिए अपहरणकर्ताओं ने आलम को कई स्थानों को चक्कर कटाए और रात 10:30 बजे शहीद पथ के ओवरब्रिज पर बुलाया।
कार ओवरब्रिज पर रुकते ही फोन पर नोटों से भरा बैग पुल से नीचे फेंकने को कहा गया। नजर रखने के साथ फोन सुन रही पुलिस टीम ने ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी की।
फेंका बैग उठाने के लिए पहुंचे बाइक सवार दो युवकों को दबोच लिया गया। हत्थे चढ़े आरोपियों की पहचान एलडीए कॉलोनी सेक्टर-1 के मधुर मिश्रा व हजरतगंज के पार्क रोड निवासी राहुल यादव के रूप में हुई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि शान ने ही पूरी साजिश रची थी। पुलिस टीम ने पार्क रोड पर घेराबंदी कर शान के साथ ही आदित्य तिवारी व प्रखर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। षड़यंत्र में शामिल शान की प्रेमिका को भी बंदी बनाया गया।
पढ़ाई से बचने को रची साजिश
शान ने कुबूला कि पिता पढ़ाई के लिए दबाव बना रहे थे। क्लैट की कोचिंग करने के लिए कहने पर उसने घर से भागने का इरादा बनाया।
इसके बाद गर्लफ्रैंड व दोस्तों के संग अपहरण की साजिश रच डाली। हत्थे चढ़े आरोपियों ने बताया कि फिल्म सिंघम देखने के बाद फिरौती रकम किसी पुल के नीचे लेने का प्लान बनाया था।
इस दौरान लगातार पिता आलम पर नजर रखी गई। पहले चिनहट हाइवे फिर बेस्ट प्राइस के पीछे जंगल में बुलाया गया।
इसके बाद अंधेरा होने पर खरगापुर रेलवे क्रॉसिंग के पास शहीद पथ के ओवरब्रिज पर बुलाया। इस दौरान शान के साथी कार पर नजर रखे रहे, हालांकि पुलिस पर नजर नहीं पड़ी।
आरोपियों का सोचना था कि अगर पुलिस आई थी तो ओवरब्रिज से नीचे आने में समय लगेगा, तब तक बिना नंबर की बाइक से रुपये भरा बैग लेकर निकल जाएंगे।
इंटरनेट पर सर्च किए थे पुल
एसएसपी ने बताया कि शान व उसके दोस्तों ने फिरौती की रकम वसूलने के लिए इंटरनेट पर शहर के विभिन्न ओवरब्रिज चेक किए।
इनमें खरगापुर रेलवे क्रॉसिंग का ओवरब्रिज सबसे सुरक्षित नजर आया। रेकी करके देखा कि रात में ओवरब्रिज के नीचे आवागमन कम रहता है।
शान ने पूछताछ में कुबूला कि 45 लाख में सौदा तय होने पर मधुर, प्रखर, आदित्य व राहुल को दो-दो लाख रुपये देने का वादा करने के साथ ही प्रेमिका को गोवा ले जाने का झांसा दिया था।
मोबाइल पर तीन बार कुबूल कहकर प्रेमिका को शादी का विश्वास दिलाया था। हालांकि, रकम मिलने के बाद अकेले ही गोवा जाकर कम से कम एक साल वहां रहने की तैयारी में था।
गर्लफ्रेंड के पिता हैं स्कूल संचालक
इसके बाद घरवालों का गुस्सा शांत होने पर लौटता और झूठी कहानी सुना देता। एसएसपी ने बताया कि शान ने पार्क रोड पर अपने दोस्त राहुल यादव के घर पनाह ली थी।
राहुल के पिता रामायण यादव कांग्रेस नेता व कई स्कूलों के संचालक हैं। करीबी रिश्तेदार मध्यप्रदेश में कद्दावर नेता बताए गए हैं।
दूसरे दोस्त प्रखर तिवारी के पिता की मृत्यु हो चुकी है। मां पेंशन से घर का खर्च चलाने के साथ उसे पढ़ा रही थी।
शान की गर्लफ्रैंड से महिला पुलिस ने पूछताछ की। पता चला कि कृष्णानगर क्षेत्र में रहने वाले उसके पिता कई स्कूलों के संचालक हैं। और वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर ही थी।
चोर समझकर पुलिस को पीटा
ओवरब्रिज के नीचे से बैग उठाकर बुलेट से भागने की कोशिश कर रहे राहुल व मधुर को पकड़ने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस टीम दौड़ी और पास में स्थित कालिका होटल के सामने दबोचा।
दोनों ने चीखपुकार मचाई। मामले से नावाकिफ होटल मालिक और उसके नौकरों ने राहुल व मधुर को छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी।
इस पर अतिरिक्त फोर्स बुलाकर कालिका होटल के मालिक व नौकरों को भी हिरासत में लिया गया। गोमतीनगर थाने में उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।