दिल्ली के शातिर ठग ने लूटा यूपी के बेरोजगारों को
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दिल्ली से आए ठग ने खुद को सिक्योरिटी कंपनी का संचालक बता कृष्णानगर इलाके में किराए का मकान लिया। इसके बाद एयरपोर्ट पर नौकरी के शहर में पोस्टर चस्पा कराए।
झांसे में आए बेरोजगारों से सिक्योरिटी के नाम पर रुपये जमा कराए और मोटी रकम बटोर कर चंपत हो गया। ठगी का शिकार बने बेरोजगार अब शिकायत लेकर चौकी, थाने और अफसरों के चक्कर काट रहे हैं।
हजरतगंज के नरही में रहने वाले रामनारायण यादव, उन्नाव के उदय प्रताप सिंह, आलमबाग के मवैया निवासी चांद, हिमांशु गोस्वामी, राजन प्रसाद, सुशील सिंह, राजकुमार, आकाश दुबे, विनोद कुमार, पुनीत तिवारी, ओंकार मिश्रा समेत अनेक बेरोजगार बुधवार शाम ठगी की शिकायत लेकर एसएसपी के कैंप ऑफिस पहुंचे।
बताया कि एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी सुपरवाइजर, गार्ड व अन्य पदों की नौकरी के विभिन्न स्थानों पर चस्पा पोस्टर में लिखे मोबाइल नंबर पर फोन किया था।
ऐसे लिया लोगों को झांसे में
कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को एमएच-7 सिक्योरिटी एंड एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी संचालक राहुल शुक्ला बताया।
इसके बाद आवेदन के लिए कृष्णानगर की एलडीए कॉलोनी के सेक्टर-डी स्थित ऑफिस में आने को कहा। सिक्योरिटी सुपरवाइजर को 17 हजार 3 सौ रुपये मासिक वेतन, वर्दी व अन्य सुविधाएं का आश्वासन देकर आवेदन कराने के साथ 5 हजार 50 रुपये जमा करा रसीद थमा दी।
बताया कि नौकरी छोड़ने पर सिक्योरिटी मनी के पांच हजार रुपये लौटा दिए जाएंगे। इसी तरह गार्ड व अन्य पदों के लिए 4 हजार 50, 3 हजार 50 व 21 सौ 50 के हिसाब से रुपये जमा कराए।
सभी को दस जनवरी के बाद नौकरी ज्वाइन कराने का आश्वासन दिया था। दस दिन में दर्जनों बेरोजगारों ने सिक्योरिटी मनी जमा करने के साथ आवेदन किया। ठग ने लाखों रुपये बटोरे और चारों मोबाइल बंद कर चंपत हो गया।
आवेदन करने वाले दर्जनों युवक 11 जनवरी को नियुक्तिपत्र लेने पहुंचे। ऑफिस तो खुला मिला लेकिन ठग सामान समेत गायब था।
नाम बदलकर दिया धोखा
युवकों ने मकान मालिक रवींद्र सिंह से संपर्क किया। उन्होंने एक ब्रोकर के माध्यम से दिल्ली के धर्मेंद्र को मकान देने की बात कही। बताया कि धर्मेंद्र व उसके साथी 10 जनवरी को मकान छोड़ गए हैं।
रवींद्र ने किराएदार के सत्यापन के लिए भराए आवेदन की प्रति युवकों को दिखाते हुए जानकारी दी कि मकान किराए पर लेते वक्त उसने देव सिंह, आदित्य मिश्रा व विशाल ठाकुर के रहने की बात कही थी। राहुल शुक्ला कोई नहीं था।
पता चला कि धर्मेंद्र ने खुद को राहुल बताया था। नौकरी के नाम पर ठगे गए रामनारायण व अन्य युवक थोड़ी दूर स्थित पुलिस चौकी पहुंचे।
सुनवाई न होने पर कृष्णानगर कोतवाली में गुहार लगाई। कोई नतीजा न निकलने पर एसएसपी के कैंप ऑफिस पहुंचे। एसएसपी से संपर्क न होने पर पीआरओ को अर्जी दी है।