बॉयफ्रेंड के साथ जेल गईं लड़कियां, 25 लाख का मामला उलझा
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लखनऊ के विभूति खंड इलाके में बॉयफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करने के लिए सीआरपीएफ के कमांडेंट के घर से 25 लाख रुपयों से भरी तिजोरी उड़ाने वाली बीबीए की दोनों छात्राओं के साथ बीडीएस के छात्र को भी जेल भेज दिया गया है। दूसरी छात्रा के बॉयफ्रेंड की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने 16.73 लाख रुपये, चोरी की रकम से खरीदे वाहन व अन्य वस्तुएं बरामद करके वारदात का खुलासा तो कर लिया लेकिन, सीआरपीएफ कमांडेंट की तिजोरी में 25 लाख रुपये की गुत्थी नहीं सुलझी है।
एसओ विभूति खंड सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि मकान मालिक के घर से 25 लाख की चोरी में गिरफ्तार बीबीए छात्रा हरदोई की विष्णुपुरी कॉलोनी की अंशिका ठाकुर, मीनाक्षी पंत व उसके बॉयफ्रेंड बीडीएस छात्र श्रीधर चटर्जी को डॉक्टरी मुआयने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में लेकर 14 दिन के लिए जेल भेजने के आदेश दिए।
इससे पहले पुलिस टीम ने दोनों छात्राओं के कमरे की तलाशी ली, जहां तमाम आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिलीं। दोनों छात्राओं के परिवारीजन कॅरिअर की दुहाई देकर मामला रफादफा कराने के प्रयास करते रहे।
25 लाख कैसे आए घर में हो रही है तहकीकात
वहीं, तिजोरी में 25 लाख रुपयों को लेकर सीआरपीएफ कमांडेंट रमेश कुमार सिंह से तहकीकात की गई। उन्होंने गोमतीनगर क्षेत्र की एक दुकान बेचने से मिली रकम बताई। सवाल उठा कि प्रॉपर्टी की बिक्री पर मोटी रकम का लेनदेन चेक या आरटीजीएस के जरिए होना चाहिए लेकिन उन्होंने नगद लेनदेन की बात कही।
बंद घर में मोटी रकम रखने पर सवाल
पड़ताल में जुटे पुलिसकर्मियों को सीआरपीएफ कमांडेंट रमेश कुमार सिंह द्वारा अपने बंद घर में बनवाई तिजोरी में 25 लाख रुपये रखना खटक रहा है। उनका कहना है कि आमतौर पर लोग संपत्ति बेचने पर चेक या आरटीजीएस से लेनदेन करते हैं।
नगद लेनदेन पर भी रकम बैंक में जमा करते हैं। अथवा उसे ऐसी जगह रखते हैं जिस पर उनकी नजर बनी रहे, जबकि रमेश कुमार सिंह ने 25 लाख रुपये उस घर में रखे थे जिस पर ताला लटका रहता है और खुद दूसरे प्रदेश में तैनाती के स्थान पर परिवार के साथ रह रहे हैं।
लाखों रुपये के साथ बरामद हुआ पांच लाख का सामान
एसओ का कहना है कि दो छात्राओं व एक छात्र को गिरफ्तार करके 25 लाख की चोरी का खुलासा करते हुए 16.73 हजार रुपये बरामद किए गए। इसके अलावा पांच लाख का माल बरामद हुआ है।
फरार आरोपी शांतनु के कब्जे से भी रकम व सामान बरामद होने की उम्मीद है। वारदात का खुलासा करके पुलिस ने अपना काम पूरा कर लिया। तिजोरी में 25 लाख की नगदी की गुत्थी सुलझाने के लिए अन्य विभाग हैं।
वकीलों का पीछा करके पकड़ा छात्र
सीआरपीएफ कमांडेंट के घर 25 लाख की चोरी में अंशिका व मीनाक्षी के पकड़े जाने के थोड़ी देर बाद बीडीएस छात्र श्रीधर चटर्जी की पैरवी में दो वकील विभूति खंड थाने जा पहुंचे।
मामला रफादफा होने की संभावना नजर न आने पर वकीलों ने एसओ सत्येंद्र कुमार राय को बताया कि श्रीधर के पास छह लाख रुपये हैं। वह रकम के साथ श्रीधर को थाने ले आएंगे लेकिन उसे प्रताड़ित न किया जाए।
बातचीत में संदेह होने पर एसओ ने एसएसआई अभिषेक तिवारी, चौकी इंचार्ज सुजीत उपाध्याय व हेडकांस्टेबल गजेंद्र सिंह को इशारा किया। तीनों लोग सादे कपड़ों में एक कार में सवार हो लिए।
...और इस तरह पकड़ लिया गया छात्र
श्रीधर को जल्द लेकर आने का वादा करके निकले दोनों वकीलों की कार काफी देर तक विभिन्न मार्गों पर दौड़ती रही। हुसड़िया से हनीमैन चौराहा, फिर शहीद पथ से लौटकर हुसड़िया होते हुए मटियारी के रास्ते बीबीडी के सामने स्थित सिलवर लाइन अपार्टमेंट पहुंचे। श्रीधर को साथ बैठाकर वकीलों ने फैजाबाद रोड पर कार दौड़ाई। पीछा कर रही टीम ने एसओ को कॉल करके जानकारी दी।
इसके साथ देर रात पॉलीटेक्निक चौराहा के पास चेकिंग के बहाने घेराबंदी की गई। ड्राइविंग सीट पर बैठे वकील ने ब्रेक लगाया ही था कि पीछा कर रही कार से उतरी टीम ने पिछली सीट पर बैठे श्रीधर को दबोच लिया। उसके कब्जे से 14 लाख रुपये बरामद हुए।
कर्ज लेकर कराया था बेटे का दाखिला
छात्राओं से पूछताछ के बाद श्रीधर व शांतनु की तलाश में निकली पुलिस टीम ने अलीगंज में उसके घर पर दबिश दी। पिता डॉ. देवेश चटर्जी ने बेटे को बेकुसूर बताते हुए कहा कि पुलिस को कोई गलतफहमी हो गई है। श्रीधर की करतूत बताने पर उनके आंसू छलक आए।
बोले कि कर्ज लेकर श्रीधर का बीबीडी में दाखिला कराया था। सोचा था कि उसके डॉक्टर बनने से दिक्कतें दूर हो जाएंगी लेकिन, वह घर पर कम ही रुकता था। बेटे द्वारा महंगी बाइक खरीदे जाने की बात पर उन्होंने नजरें झुका लीं।
अपनी प्रेमिका के साथ उसके कमरे पर रुकता था
तहकीकात में जुटे पुलिसकर्मियों ने बताया कि श्रीधर चटर्जी घर में रुकने के बजाय अन्य ठिकानों पर रहता था। कभी अपने मामा के घर तो कभी इंदिरानगर के सेक्टर-13 में किराए पर रह रहे दोस्त शांतनु के साथ तो कभी सिल्वर लाइन अपार्टमेंट के फ्लैट में रहने वाले परिचित के यहां रुकता।
वह अधिकतर अपनी प्रेमिका मीनाक्षी के साथ उसके किराए के घर पर रहता था। छात्राओं के कमरे से मिली आपत्तिजनक वस्तुओं से जाहिर है कि पढ़ाई के बजाय आवारागर्दी हो रही थी।
अभिभावकों को सबक
मीनाक्षी व अंशिका की पैरवी में थाने पहुंचे अभिभावकों से पुलिस अधिकारियों ने सवाल करने के साथ गलती का अहसास कराया। बेटी के महंगे मोबाइल, स्कूटी व ब्रांडेड कपड़ों के बारे में सवाल करते तो उनमें डर बना रहता। बेटी की फेसबुक या वॉट्सएप कभी चेक करना था। उनके साथ एकआध दिन कमरे में रुकने से पता चल जाता कि बेटियां पढ़ाई के नाम पर क्या गुल खिला रही हैं।