फीस के 3 हजार रुपए नहीं चुका पाई तो लगा ली फांसी
- बीए छात्रा ने फांसी लगाकर कर ली सुसाइड
- पढ़ना चाहती थी लड़की मगर पैसे नहीं जुटा पाई
- पिता की है पंक्चर की दुकान
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महिला दिवस से एक दिन पहले एक बेटी ने महज तीन हजार रुपए फीस न चुका पाने पर आत्महत्या कर ली। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
भीटी थाना क्षेत्र के रिउना गांव निवासी मोहम्मद लतीफ की 18 वर्षीय पुत्री आलिया को कॉलेज की बकाया फीस और प्रवेश पत्र लेने के लिए तीन हजार रुपयों की जरूरत थी। पिता पैसे का इंतजाम नहीं कर पा रहा था।
इससे वह परेशान थी। रविवार देर शाम उसने कमरे की छत में लगे बांस से दुपट्टे का फंदा बना कर फांसी लगा ली। सोमवार सुबह आलिया का शव छत से दुपट्टे के सहारे लटकते देख एक लड़के के शोर मचाने पर परिवार के अन्य सदस्य भी वहां पहुंच गए।
पिता बोला, बीए करना चाहती थी मेरी बेटी
आलिया के पिता लतीफ ने बताया कि उसकी रिउना बाजार में पंक्चर बनाने की दुकान है। किसी प्रकार वह घर का खर्च चला रहा है। उसके तीन पुत्री व दो पुत्र हैं। बड़ी पुत्री का विवाह कर चुका है।
दूसरे नंबर की आलिया ने पिछले वर्ष इंटरमीडिएट उत्तीर्ण की थी। वह बीए करना चाहती थी लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उसने असमर्थता जताई थी। इसके बाद भी आलिया ने रामलखन महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश ले लिया था। अब आगामी दिनों में परीक्षा होने वाली है।
प्रवेश पत्र देने से पहले विद्यालय प्रशासन ने उससे तीन हजार रुपये की मांग की। तीन दिन से आलिया उससे पैसे मांग रही थी। वह इसका इंतजाम नहीं कर सका। उसने बताया कि उसकी बेटी पढ़ने में बहुत तेज थी।