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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   gauri murder case.

जानना चाहती है मां, गौरी को इतनी बेरहमी से क्यों मारा?

Wed, 18 Feb 2015 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 18 Feb 2015 11:07 AM IST
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gauri murder case.

बेटी के कातिल से सच जानना चाह रहे गौरी के माता-पिता मंगलवार को दिन भर बुलावे का इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस ने न तो सवाल पूछने का मौका दिया और न ही हिमांशु की आवाज सुनाई।

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सीओ ने आरोपियों को जेल भेजने से पहले रूबरू कराने का आश्वासन दिया है। गौरी के पिता शिशिर श्रीवास्तव व मां तृप्ता का कहना है कि पुलिस अफसरों ने हिमांशु का रिमांड लेकर उनकी मौजूदगी में पूछताछ का वादा किया था।
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वह अपनी शंकाओं के समाधान के लिए कई सवाल तैयार कर बुलावे का इंतजार कर रहे थे। इंस्पेक्टर अमीनाबाद महंथ यादव ने मंगलवार सुबह हिमांशु को रिमांड पर लेने की जानकारी दी।
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इसके बाद से माता-पिता बेटी की हत्या का सच जानने को आतुर थे। दिनभर बुलावे के इंतजार के बाद देर शाम सीओ कैसरबाग राजेश श्रीवास्तव से संपर्क किया।

मां-बाप सुनना चाहते हैं हिमांशु की आवाज

gauri murder case.

सीओ आरोपियों को जेल भेजने से पहले सामना कराने का आश्वासन दिया। शिशिर व तृप्ता ने बताया कि सबसे पहले हिमांशु की आवाज सुनना चाहते थे।

एक फरवरी की शाम गौरी के मोबाइल पर उसके जिस दोस्त ने बात की थी, वह आवाज अब भी कानों में गूंज रही है।

इसके बाद हिमांशु से पूरी घटना विस्तार से सुनते और सवाल करते कि गौरी को कैसे ले गया, क्या खिलाया, क्या पिलाया और कहां-कहां रहा? सच क्या है, योजना बनाकर हत्या तो नहीं की।

इतनी बेरहमी से क्यों मारा? इसके बाद सवाल करते कि सिर्फ वॉट्सएप पर दोस्ती थी तो बौखलाया? दोस्तों के बीच का कोई झगड़ा तो नहीं?

कत्ल का दूसरा हथियार कहां

gauri murder case.

शिशिर श्रीवास्तव का कहना है कि डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम में गौरी को दो प्रकार की चोटों का जिक्र किया है।

आरी पुलिस ने बरामद की है, जबकि दूसरा हथियार क्या था और कहां है? इस सवाल का हिमांशु से जवाब पूछना है। उसने गौरी के अन्य कपड़े कहां डाले जो ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।

डीजीपी एके जैन ने कहा कि गौरी हत्याकांड में ठोस सुबूत जुटाने व आरोपियों से गहन पूछताछ के साथ पुलिस अफसरों को गौरी के माता-पिता की शंकाओं के समाधान के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि पूरी होने से पहले गौरी के माता-पिता को हिमांशु की आवाज सुनाने के साथ अन्य शंका दूर की जाएंगी।

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