{"_id":"5c802a0ebdec2214380c1fc6","slug":"gang-of-romania-catched","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोमानिया का गिरोह उड़ा रहा था खातों से करोड़ों की रकम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रोमानिया का गिरोह उड़ा रहा था खातों से करोड़ों की रकम
Thu, 07 Mar 2019 01:44 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Thu, 07 Mar 2019 01:44 AM IST
विज्ञापन
पकड़ा गया गैंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
राजधानी में एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर खातों से करोड़ों रुपये साफ करने वाले गिरोह का खुलासा बुधवार को साइबर सेल की टीम ने किया। कृष्णानगर और आशियाना इलाके के एटीएम बूथों को निशाने बनाने वाला गिरोह रोमानिया के नागरिक चलाते थे।
हत्थे चढ़े तीन बदमाशों से पुलिस ने क्लोनिंग करने का सामान व एक लाख 27 हजार रुपये बरामद किए। वहीं, दो बदमाश भाग निकले। अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक आशियाना और कृष्णानगर के थानों में दो महीनों से लगातार एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर खातों से रकम उड़ाने की शिकायतें आ रही थीं।
साइबर सेल की टीम ने जांच में पाया कि सभी शिकायतों में ज्यादातर रकम दिल्ली से निकाले जाने की बात थी। पड़ताल में कुछ संदिग्धों के दिल्ली के साकेत मेहरौली इलाके में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने मंगलवार को तीन रोमानियन नागरिकों को साकेत से दबोचा।
विज्ञापन
इनमें मुरेस रेगिन का तनाशा फ्लोरिन, बुनुस अगस्टीन सूरज और पिपिरीग का मालडोवेन मिरसिया फ्लोरिन है। गिरोह के दो बदमाश पस्कानी का बोआरियु एंड्रीए आयन और बिस्ट्रीजा का ओपरिया डोरेल आस्टीन फरार हो गए। इनके पासपोर्ट साइबर सेल के हाथ लगे हैं। टीम दोनों की तलाश कर रही है।
8वीं, 11वीं पास लगाते थे चूना
साइबर सेल के नोडल अधिकारी व क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक तीनों बदमाशों ने आठवीं से 11वीं तक की ही पढ़ाई की है। तनाशा 10वीं, बुनुस आठवीं और मालडोवेन 11वीं पास है। हालांकि, तकनीकी रूप से तीनों काफी शातिर हैं।
दिल्ली से निकालते थे रकम
क्षेत्राधिकारी अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक गिरोह ने कैंट व कृष्णानगर के आधा दर्जन थानाक्षेत्र मेें सैकड़ों एटीएम बूथ को निशाना बनाया। बदमाश इन पर स्कीमर, चिप और हिडेन कैमरा लगाकर निकल जाते। इसके बाद जो उसमें रकम निकालने जाता, उसका पूरा डाटा इन जालसाजों के पास पहुंच जाता। कुछ खातों से राजधानी में ही रकम निकाल लेते थे। सैकड़ों लोगों का डाटा जुटाने के बाद गिरोह दिल्ली जाकर एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करता। वहां आराम से बूथों और ऑनलाइन शॉपिंग से चूना लगाता।
तीन महीने में उड़ाए पांच से सात करोड़ रुपये
साइबर सेल के उपनिरीक्षक राहुल राठौर के मुताबिक गिरोह ने तीन महीने में राजधानी के सैकड़ों लोगों के खातों से पांच से सात करोड़ रुपये साफ कर दिए। शातिरों ने एक खाते से 10 हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक कई बार में निकाले। ज्यादातर राशि दिल्ली के साकेत, बदरपुर, मेहरौली, स्टेशन रोड, विश्वविद्यालय रोड के एटीएम बूथ से निकाली गई। यह जानकारी बैंक ने पीड़ितों को दी, जिसके बाद साइबर सेल ने इन इलाकों में सक्रिय मोबाइल और सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। हालांकि शुरुआत दौर में बैंक ने सहयोग नहीं किया, लेकिन बाद में बैंक ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए। इसके बाद इस गिरोह को चिह्नित किया गया।
हत्थे चढ़े तीन बदमाशों से पुलिस ने क्लोनिंग करने का सामान व एक लाख 27 हजार रुपये बरामद किए। वहीं, दो बदमाश भाग निकले। अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक आशियाना और कृष्णानगर के थानों में दो महीनों से लगातार एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर खातों से रकम उड़ाने की शिकायतें आ रही थीं।
विज्ञापन
साइबर सेल की टीम ने जांच में पाया कि सभी शिकायतों में ज्यादातर रकम दिल्ली से निकाले जाने की बात थी। पड़ताल में कुछ संदिग्धों के दिल्ली के साकेत मेहरौली इलाके में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने मंगलवार को तीन रोमानियन नागरिकों को साकेत से दबोचा।
विज्ञापन
इनमें मुरेस रेगिन का तनाशा फ्लोरिन, बुनुस अगस्टीन सूरज और पिपिरीग का मालडोवेन मिरसिया फ्लोरिन है। गिरोह के दो बदमाश पस्कानी का बोआरियु एंड्रीए आयन और बिस्ट्रीजा का ओपरिया डोरेल आस्टीन फरार हो गए। इनके पासपोर्ट साइबर सेल के हाथ लगे हैं। टीम दोनों की तलाश कर रही है।
8वीं, 11वीं पास लगाते थे चूना
साइबर सेल के नोडल अधिकारी व क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक तीनों बदमाशों ने आठवीं से 11वीं तक की ही पढ़ाई की है। तनाशा 10वीं, बुनुस आठवीं और मालडोवेन 11वीं पास है। हालांकि, तकनीकी रूप से तीनों काफी शातिर हैं।
दिल्ली से निकालते थे रकम
क्षेत्राधिकारी अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक गिरोह ने कैंट व कृष्णानगर के आधा दर्जन थानाक्षेत्र मेें सैकड़ों एटीएम बूथ को निशाना बनाया। बदमाश इन पर स्कीमर, चिप और हिडेन कैमरा लगाकर निकल जाते। इसके बाद जो उसमें रकम निकालने जाता, उसका पूरा डाटा इन जालसाजों के पास पहुंच जाता। कुछ खातों से राजधानी में ही रकम निकाल लेते थे। सैकड़ों लोगों का डाटा जुटाने के बाद गिरोह दिल्ली जाकर एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करता। वहां आराम से बूथों और ऑनलाइन शॉपिंग से चूना लगाता।
तीन महीने में उड़ाए पांच से सात करोड़ रुपये
साइबर सेल के उपनिरीक्षक राहुल राठौर के मुताबिक गिरोह ने तीन महीने में राजधानी के सैकड़ों लोगों के खातों से पांच से सात करोड़ रुपये साफ कर दिए। शातिरों ने एक खाते से 10 हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक कई बार में निकाले। ज्यादातर राशि दिल्ली के साकेत, बदरपुर, मेहरौली, स्टेशन रोड, विश्वविद्यालय रोड के एटीएम बूथ से निकाली गई। यह जानकारी बैंक ने पीड़ितों को दी, जिसके बाद साइबर सेल ने इन इलाकों में सक्रिय मोबाइल और सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। हालांकि शुरुआत दौर में बैंक ने सहयोग नहीं किया, लेकिन बाद में बैंक ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए। इसके बाद इस गिरोह को चिह्नित किया गया।