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कभी सुना है ठगों की दबंगई का ऐसा किस्सा?
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 22 Oct 2014 11:08 AM IST
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लखनऊ के युवक की सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उसके पिता से सात लाख ठग लिए गए। युवक की न ही नौकरी लगवाई गई और न पैसा वापस दिया गया।
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पैसा वापस मांगने पर अपहरण और हत्या करने की धमकी दी गई। ठगी का शिकार युवक के पिता ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज कराया है।
लखनऊ के धिनहोरी बख्शी तालाब के पास रहने वाले सुबेग सिंह ने बताया कि करीब एक साल पहले उनकी मुलाकात एक व्यक्ति ने बारादरी (बरेली) के नावादा शेखान निवासी आरपी सिंह से कराई।
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सुबेग ने बताया कि उन्होंने आरपी सिंह से अपने पुत्र रामपाल सिंह की नौकरी लगवाने को कहा। दस लाख रुपये में तीन महीने के अंदर नौकरी लगवाने की बात पक्की हो गई।
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सुबेग के मुताबिक इस पर उन्होंने आरपी सिंह के पुत्र शशिकांत के बैंक खाते में 29 अगस्त 2013 को सात लाख रुपया ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।
शेष तीन लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने को कहा। सात लाख रुपये देने के बाद भी न तो उसके पुत्र को नौकरी मिली और न ही पैसा वापस दिया गया।