फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   FRAUD ON THE NAME OF RAILWAY JOB

यूपी: रेलवे भर्ती के नाम पर 5 करोड़ की लूट

Tue, 24 Jun 2014 10:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 24 Jun 2014 10:43 AM IST
विज्ञापन
FRAUD ON THE NAME OF RAILWAY JOB

भुवनेश्वर रेलवे में फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने की आड़ में बिजली इंजीनियर के रैकेट ने 90 से अधिक बेरोजगारों को पांच करोड़ रुपये हड़प लिए।

विज्ञापन


ग्रुप सी और ग्रुप डी में भर्ती के नाम पर यह धोखाधड़ी हुई। इस रैकेट ने अभ्यर्थियों को नकली नियुक्ति पत्र और असली रेलवे पास से प्रशिक्षण के नाम पर भुवनेश्वर, पटना एवं जयपुर तक घुमाया।
विज्ञापन


अभ्यर्थियों को ठगे जाने का पता तब चला जब रैकेट में शामिल लोग उन्हें एक होटल में छोड़कर फरार हो गए।

केस दर्ज हो गया

FRAUD ON THE NAME OF RAILWAY JOB

अभ्यर्थियों ने गंगा विहार कॉलोनी, चिनहट (लखनऊ) निवासी और कानपुर के पनकी में तैनात पावर कारपोरेशन के जूनियर इंजीनियर प्रदीप कुमार श्रीवास्तव समेत सात लोगों के खिलाफ महानगर, चिनहट और गाजीपुर थानों में अप्रैल और मई में धोखाधड़ी और पैसे हड़पने का केस दर्ज कराया है।

केस दर्ज होने के बाद से ही प्रदीप और उसका ड्राइवर इंदिरानगर निवासी राजू सिंह घर में ताला डालकर परिवार समेत फरार हैं।

तीन महीने पहले ठगी का शिकार होने वाले इंदिरानगर के राहुल सिंह और अविनाश बाल्मीकि, अंबेडकरनगर के भुनेश वर्मा, सीतापुर के पूर्णेश सिंह, फैजाबाद के ओमकार सिंह आदि ने सोमवार को प्रेस क्लब में अपनी व्यथा सुनाई।

रिश्तेदार के साथ मिलकर चलाता था रैकेट

FRAUD ON THE NAME OF RAILWAY JOB

पीड़ितों के काउंसलर कमलेश सिंह का आरोप है कि मास्टरमाइंड प्रदीप का रिश्तेदार एसके श्रीवास्तव उर्फ पवन तिवारी भुवनेश्वर भर्ती बोर्ड में अधिकारी है।

उसी के संरक्षण में प्रदीप इस रैकेट का संचालन कर रहा है। जब पीड़ितों को प्रशिक्षण के नाम पर भुवनेश्वर भर्ती बोर्ड ले जाया गया था तो उनकी मुलाकात एसके श्रीवास्तव से कराई गई थी। इस रैकेट में लखनऊ के भी कुछ कर्मचारी शामिल हैं।

नियुक्ति पत्र नकली लेकिन सफर असली रेलवे पास पर
पीड़ितों का कहना है कि प्रदीप ने पैसे लेकर सभी पीड़ितों को नियुक्ति पत्र तो नकली दिया, लेकिन प्रशिक्षण के नाम पर ट्रेन में सफर असली रेलवे पास से कराया। पीड़ितों ने भुवनेश्वर, जयपुर एवं पटना तक की जिस रेलवे पास से सफर किया उससे टिकट बनवाने के लिये कोई पैसा खर्च नहीं हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed